मंझनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में नामांकन करने के लिए मंगलवार को भी मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक में उम्मीदवारों की भारी भीड़ उमड़ी। दोनों ब्लाकों में समर्थकों की भीड़ के साथ पहुंचे जिला पंचायत सदस्य पद के 99 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के 765 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। नामांकन का कार्य खत्म होने के बाद अब प्रशासन ने आगे की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में मंझनपुर और मूरतगंज ब्लाक का चुनाव कराया जाना है। इसके लिए मंगलवार को दूसरे दिन भी नामांकन की प्रक्रिया जारी रखी गई। मंझनपुर में जिपं सदस्य पद के लिए 59 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 356 उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया। इसी तरह मूरतगंज ब्लाक में जिपं सदस्य के 40 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के 409 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। दोनों ब्लाकों में पर्चा दाखिल करने आए उम्मीदवारों के साथ समर्थकों की भी भारी भीड़ आई थी। इसे नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई उम्मीदवारों और उनके समर्थकों से पुलिस की नोंकझोंक भी हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नामांकन का कार्य सही तरीके से संपन्न हो गया है। चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों को आगे की प्रक्रिया सही तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दे दिया गया है।
जिला पंचायत कार्यालय में जिपं सदस्य पद के उम्मीदवारों के नामांकन की व्यवस्था की गई थी। दोपहर को कुछ सपाइ उम्मीदवारों के साथ आए समर्थकों ने गेट के भीतर घुसने की कोशिश की। इसे लेकर उनकी पुलिस कर्मियों से झड़प हो गई। इसके बाद आक्रोशित सपाई नारेबाजी करने लगे। ऐसे में पुलिस ने लाठी पटक कर सभी को चौराहे तक खदेड़ा। बाद में नेताओं ने ही हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
करवरिया बंधुओं के जेल में होने की वजह से सदर ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर जिले भर की निगाहें टिकी हुई हैं। लोग जानना चाहते थे कि इस कुर्सी के लिए कौन-कौन मैदान में आएगा। मंगलवार को नामांकन के बाद स्थिति साफ हो गई। इस दिन बीडीसी पद के लिए मौजूदा प्रमुख शेष नारायण करवरिया और सपा नेता हरिमोहन यादव ने नामांकन किया। सियासी पंडितों का मानना है कि बीडीसी पर नामांकन करने वालों में अभी तक इन दोनों के अलावा प्रमुखी का कोई दूूसरा चेहरा नजर नहीं आया है। ऐसे में साफ है कि चुनाव इन्हीं दोनों के बीच होगा।
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर नामांकन करने आई कई महिला उम्मीदवार नामांकन के दौरान भी घूंघट की आड़ में ही रहीं। हद तो यह हैैै कि नामांकन से पहले कार्यकर्ताओं के साथ जूलूस में भी वह घूंघट ओढ़े रहीं। इसे लेकर लोगों ने जमकर चुटकी ली। फोटो ग्राफरों को तो घूंघट हटाने के लिए कहना पड़ा।
नेवादा ब्लाक की चित्तापुर ग्राम सभा को अलग कर हर्रायपुर नई ग्राम सभा बना दी गई है। हर्रायपुर गांव में कोई सरकारी भवन नहीं होने के कारण प्रशासन ने चित्तापुर में ही मतदान कराने की व्यवस्था की है। इसे लेकर गांव के लोगों में गुस्सा है। मंगलवार को गांव के रमेश कुमार, सूबेदार, अनिरुद्घ, बांकेलाल और भइयालाल आदि ने एसडीएम को शिकायत पत्र देकर गांव के ही काली मंदिर में चुनाव कराने की मांग की। बताया कि यहीं पर पहले भी मतदान होता था।
मूरतगंज ब्लाक में चुनाव कराने के लिए प्रदीप कुमार सिंह को एआरओ बनाया गया था। अभी तक उन्होंने ड्यूटी नहीं ज्वाइन की। इसकी जानकारी होने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एके सिंह ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और सहायक निर्वाचन अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।