दोआबा के धान किसानों को इस बार अपनी ही फसल बेचने के लिए नाकों चने चबाने पड़ेंगे। किसानों के आवेदनों के सत्यापन की प्रगति देखकर ऐसा ही समझा जा रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के कारण जिले में ऑनलाइन किए गए साढ़े पांच हजार आवेदनों में से अब तक एक का भी सत्यापन नहीं किया जा सका है। जबकि पहली नवंबर से ही धान की खरीद शुरू होनी है। ऐसे में साफ है कि धान क्रय केंद्रों पर किसानों को परेशान होना तय है।
कौशाम्बी में इस बार तकरीबन 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती कराई गई है। पैदावार भी ठीकठाक होने की उम्मीद है। समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए किसान धड़ाधड़ पंजीकरण भी करा रहे हैं। कृषि विभाग का अनुमान है कि उत्पादन अपेक्षाकृत ठीक होगा। यह सभी किसान पहली नवंबर से प्रारंभ होने वाली खरीद को लेकर उत्साहित हैं। शासन ने भी अपनी तरफ से धान खरीद की तैयारियां पूरी करने में जुटा हुआ है। कौशाम्बी जिले की तीनों तहसीलों से अब तक जिले के 5470 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण भी करा चुके हैं। नियमानुसार इन आवेदनों को ऑनलाइन सत्यापन के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों को भेजा जाता है।
हैरानी की बात ये है कि दो महीने से चल रहे पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान किसी भी उपजिलाधिकारी ने अब तक एक भी आवेदन का सत्यापन नहीं किया। सिक्के का दूसरा पहलू ये है कि एसडीएम की ओर से जब तक आवेदन का सत्यापन नहीं होगा किसान का एक भी धान क्रय केंद्र पर समर्थन मूल्य पर खरीदा नहीं जाएगा। पहली नवंबर से खरीद शुरू होनी है और आवेदन भी अभी 15 अक्तूबर तक होने हैं। जाहिर सी बात है कि अभी और भी किसान बिक्री के लिए आवेदन करेंगे। खरीद के लिए बाकी बचे महीने भर के भीतर एकमुश्त इतने आवेदनों का सत्यापन कर पाना अफसरों के लिए मुश्किल भरा होगा। ऐसे में साफ है कि क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेचने के लिए किसानों को मशक्कत उठानी तय है।
शासन ने जताई नाराजगी, एडीएम ने हफ्ते भर का दिया अल्टीमेट
शासन की ओर से धान खरीद की तैयारियों को लेकर 25 सितंबर को वीडियो कानफ्रेसिंग की गई थी। इस दौरान जैसे ही पता चला कि किसानों की ओर से पंजीकृ त 5470 आवेदनों में से अब तक एक का भी सत्यापन नहीं हुआ है। तो प्रमुख सचिव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इस पर एडीएम राकेश श्रीवास्तव ने सभी उपजिलाधिकारियों को हफ्ते भर के भीतर सत्यापन कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया।
दो दिन सीमांत व लघु किसानों का खरीदेंगे धान
खाद्य एवं रसद आयुक्त आलोक कुमार ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि धान क्रय नीति 2018 के मुताबिक सप्ताह में दो दिन मंगलवार व शुक्रवार को सीमांत व लघु किसानों का धान खरीदा जाएगा। ये दोनों दिन उनके लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष दिनों में वृहद किसानों का धान खरीदा जाएगा।
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किसानों के आवेदनों की स्थिति पर एक नजर-
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तहसील आवेदन सत्यापन
चायल 1606 00
मंझनपुर 2441 00
सिराथू 1323 00
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कुल 5470 00
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आंकड़ों पर एक नजर----
0 6312 किसानों ने पिछले साल क्रय केंद्रों पर बेचा था धान
0 5470 किसानों ने 25 सितंबर तक कराया पंजीकरण
0 01 नवंबर से कौशाम्बी के 25 केंद्रों पर होगी धान की खरीद
0 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई है धान की रोपाई
0 15 अक्तूबर तक होगा धान बिक्री के लिए पंजीकरण
0 1570 रुपये क्विंटल की दर से क्रय केंद्रों पर बिकेगा धान
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इनका कहना है
किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण हो रहा है। ओवदनों का सत्यापन नहीं होने पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को हफ्ते भर के भीतर आवेदनों के सत्यापन का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
अंशुमाली शंकर-डिप्टी आरएमओ