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जिला अस्पताल में मरीज बेहाल, डॉक्टरों के छूट रहे पसीने

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मंझनपुर। दिन-रात के तापमान में अंतर के साथ कभी तेज धूप तो कभी उमस के साथ बारिश। मौसम की यह बेरुखी लोगों को बीमार कर रही है। अचानक मौसम में ठंडापन और फिर तेज गमी के चलते बच्चों से लेकर बूढ़े तक वायरल फीवर, डायरिया, मलेरिया आदि मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इन दिनों जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
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गुरुवार सुबह मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी लड़खड़ा गईं। अस्पताल गेट से लेकर परिसर तक मरीजों की भरमार रही। मरीजों व उनके तीमारदारों को पर्चा बनवाने के लिए घंटे-घंटे भर तक लाइन में खड़ा होना पड़ा। मरीजों की भीड़ से ओपीडी कक्ष में मौजूद डॉक्टर खुद पसीने से तरबतर दिखे। कमोबेश यही हाल प्राइवेट अस्पतालों का रहा। सरकारी अस्पतालों की तरह निजी चिकित्सालयों में भी हर रोज मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के आंकड़ों पर गौर करें तो ओपीडी पिछले तीन दिनों से हजार के आसपास हो रही है। डॉक्टरों के मुताबिक इनमें आधे से अधिक मरीज अकेले मौसमी बीमारी से पीड़ित आ रहे हैं। सबसे अधिक मौसम की मार बच्चों में देखने को मिल रही है।

जिला अस्पताल की ओपीडी का हाल
दिनांक मरीजों की संख्या
4 सितंबर 1014
5 सितंबर 911
6 सितंबर 957

वायरल पीड़ित व्यक्ति को बार-बार छींक आती है। यदि वह किसी स्वस्थ्य व्यक्ति के सामने छींकता या खांसता है तो इससे स्वस्थ्य व्यक्ति भी चपेट में आ जाता है। छोटे बच्चों को खासकर एहितियात बरतने की जरूरत है।
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डॉ. विवेक केसरवानी, फिजीशियन, संयुक्त जिला चिकित्सालय
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