रोही आरओबी पर साल भर बाद भी नहीं जली बत्ती
पुल बनवाने के बाद कार्यदायी संस्था ने नहीं कराया कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नगर पालिका भरवारी के रोही में राज्य सेतु निगम ने आरओबी का निर्माण कराने के बाद लावारिस हालत में छोड़ दिया। कार्यदाई संस्था ने पुल पर स्ट्रीट लाइटें तो लगवा दीं, लेकिन बिजली का कनेक्शन कराया।
करीब एक साल से रोही में आरओबी से वाहनों का आवागमन हो रहा है। पुल का निर्माण राज्य सेतु निगम ने कराया। पुल बनवाने के बाद स्ट्रीट लाइट लगा दी। इसके बाद अब तक कनेक्शन नहीं कराया। बिजली का कनेक्शन नहीं होने से स्ट्रीट लाइट खराब होने के कगार पर है। वहीं लोगों का कहना है कि रात के वक्त अंधेरा होने की वजह से चोर और अराजकतत्वों का यहां जमावड़ा रहता है। इससे राहगीरों के साथ कभी कोई हादसा हो सकता है।
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जर्जर भवन और गंदगी के बीच बहाई जा रही ज्ञान की गंगा
- प्राथमिक विद्यालय फदीलाबाद का भवन जर्जर
- बच्चों पर हर पल रहता है खतरे का अंदेशा
फोटो प्रस्तावित
अमर उजाला ब्यूरो
म्योहर। प्राथमिक विद्यालय फदीलाबाद में बच्चे जान की बाजी लगाकर जर्जर भवन के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। भवन की बदहाली के बाबत प्रधानाध्यापिका व प्रधान ने बेसिक शिक्षा विभाग को कई बार पत्र लिखा लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल रही।
मूरतगंज विकास खंड के प्राथमिक स्कूल फदीलाबाद में घुसते ही बदहाली से रूबरू होना पड़ता है। स्कूल की बाउड्रीवॉल टूटी पड़ी है। शिक्षण कक्ष की दीवार में दरार पड़ी है। फर्श भी जगह-जगह से उखड़ी पड़ी है। प्रधानाध्यापिका फूलमती मानस का कहना है कि स्कूल का भवन 25 साल पहले बना है। इसके बाद से आज तक विद्यालय की मरम्मत के नाम पर कुछ नहीं किया गया। टूटी फर्श बनाए जाने के लिए कई बार अफसरों को पत्र लिखा गया लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। मजबूरी में एक कमरे की फर्श उन्होंने अपने पैसे से बनावाई। स्कूल में रैंप तक नहीं बनाया गया है। इससे विकलांग बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है। बाउड्री टूटी होने से आवारा मवेशी परिसर में घूमते रहते हैं। विद्यालय में लगाया गया हैंडपंप भी काफी दिनों से खराब हैं। यहां मजबूरी में बच्चों को घर से पीने के लिए पानी लाना पड़ता है। एमडीएम बनवाने के दौरान भी काफी दिक्कत होती है।
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बच्चों को दी गई आधी-अधूरी किताबें
म्योहर। प्राथमिक विद्यालय फदीलाबाद में एक से पांचवीं तक की क्लास में 112 बच्च पंजीकृत हैं। स्कूल का भवन खराब होने से ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं आते। शनिवार को भी मात्र 70 बच्चे स्कूल पहुंचे थे। कक्षा एक से तीन तक में पढ़ने वाले बच्चों को सिर्फ कलरव किताब ही मिल सकी। चार और पांचवीं क्लास के बच्चों को परख (विज्ञान) की किताब नहीं मिल सकी है।
क्या कहते हैं प्रधान
स्कूल का भवन काफी जर्जर है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा विकास विभाग के अफसरों को भी पत्र भेजा गया है। बजट मिलने पर स्कूल का कायाकल्प कराया जाएगा।
महेंद्र सिंह यादव, प्रधान फदीलाबाद