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डेंगू के मरीज मिले तो ग्राम प्रधान होंगे जिम्मेदार

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जानलेवा मच्छरों को नष्ट करने का जिम्मा अब ग्राम प्रधानों पर हो गया है। ग्राम स्वच्छता समिति के खाते से फागिंग मशीन खरीदकर दवा का छिड़काव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए शासन ने दस-दस हजार रुपये की व्यवस्था की है। ऐसा नहीं करने पर गांव में डेंगू का मरीज मिला तो ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित के इलाज की जिम्मेदारी भी प्रधान की होगी।
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गांवों की साफ-सफाई के लिए हर गांव में ग्राम स्वच्छता समिति बनी है। समिति का अपना बैंक खाता होता है। इस खाते में शासन की ओर से हर साल दस-दस हजार रुपये भेजा जाता है। अक्सर शिकायत मिलती है कि गांवों की साफ-सफाई कराए बगैर ग्राम प्रधान इस मद की धनराशि का गोलमाल कर जाते हैं। नतीजतन गांवों में गंदगी फैली रहती है। इससे संक्रामक बीमारियां जैसे मलेरिया, डेंगू और डायरिया का फैलने का खतरा बढ़ जाता है। समस्या को देखते हुए मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए इस बार शासन ने शिकंजा कस दिया है। ग्राम स्वच्छता समिति के खाते में रकम भेजने के साथ ही ग्राम प्रधानों को फागिंग मशीन, दवा खरीद और छिड़काव करवाने का निर्देश दिया है।

निर्देशों के पालन करवाने का जिम्मा जिला मलेरिया अधिकारी को सौंपा गया है। शासन की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि गांव में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया सरीखी संक्रामक बीमारियां फैलने पर सीधे तौर पर ग्राम प्रधान को जिम्मेदार माना जाएगा। मरीज मिलने पर प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित के इलाज में आने वाले खर्च की भरपाई भी प्रधान से कराई जाएगी।
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बाहर से मरीज आने पर जिम्मेदारी से मुक्त होंगे प्रधान
कई बार देखने को मिलता है कि बाहर कमाने गए युवक संक्रामक बीमारी की चपेट में आने के बाद घर वापस लौट आते हैं। या फिर रिश्तेदारी में रहने के दौरान लोग बीमारी के शिकार हो गए। तो ऐसे मरीजों में प्रधान की लापरवाही नहीं मानी जाएगी। बसर्ते इसकी सूचना विभाग को देनी पड़ेगी।

मशीन खरीद में नहीं कर सकेंगे फर्जीवाड़ा
स्वच्छता समिति के खाते से खरीदी गई फागिंग मशीन का बिल-बाउचर लेकर स्वास्थ्य विभाग में जमा करना होगा। ताकि, स्पष्ट हो सके कि गांव में मशीन खरीदकर फागिंग कराई जा रही है। शासन ने रकम के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस तरह का निर्देश दिया है।

स्वच्छता समिति के खाते में भेजी गई रकम से फागिंग मशीन खरीदकर मच्छर रोधी दवा के छिड़काव का निर्देश मिला है। इसके लिए जिला पंचायत राज विभाग से वार्ता की जा रही है।
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डॉ पीएन चतुर्वेदी-सीएमओ
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