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ठेकेदारों के हंगामे के बाद एक्सईएन ने लिए अभिलेख

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हंगामे के बाद एक्सईएन ने लिए अभिलेख
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-ठेकेदारों ने परेशान करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
लोक निर्माण विभाग के दफ्तर में ई-टेंडर डालने वाले ठेकेदारों से हार्ड कॉपी व डिमांड ड्रॉफ्ट एक्सईएन नहीं ले रहे थे। सोमवार को ठेकेदारों को वापस कर दिया गया था। मंगलवार को ठेकेदार पहुंचे तो एक्सईएन नहीं आए। इससे नाराज ठेकेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। माहौल गरम होने पर एक्सईएन आए और दबाव में ठेकेदारों से टेंडर के कागजात लिए।
कड़ा व सिराथू ब्लाक क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की ओर से 11 सड़कों के निर्माण के लिए ई-टेंडर निकाला गया है। ठेकेदारों ने ऑनलाइन टेंडर डाले। इसके बाद वे सोमवार को टेंडर की हार्ड कॉपी, सिक्योरिटी मनी का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने पीडब्ल्यूडी के दफ्तर में एक्सईएन सतीश कुमार के पास पहुंचे। ठेकेदारों का आरोप है कि एक्सईएन ने उनके अभिलेख नहीं लिए। अभिलेख न लेने पर सोमवार रात ठेकेदारों ने अधीक्षण अभियंता (इलाहाबाद) से मुलाकात की। इस मामले में उन्होंने भी अपने हाथ खड़े कर लिए। मंगलवार को ठेकेदार उपेंद्र मिश्र के नेतृत्व में सुशील चंद्र मिश्र, हरिओम कुशवाहा, अतुल कुमार शुक्ला, तनवीर अहमद, मो. अफजल, मो. आरिज, रामबाबू केशरवानी, अभिलाष सोनकर, शिव प्रसाद मिश्र आदि ने सुबह करीब दस बजे दफ्तर के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। एक्सईएन के गायब रहने पर उन्होंने हंगामा भी किया। दोपहर करीब 12 बजे माहौल गरम होने पर एक्सईएन सतीश कुमार दफ्तर आए और ठेकेदारों से उनके अभिलेख लिए। इसके बाद ठेकेदारों ने राहत की सांस ली।
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सांसद से ठेकेदारों ने की थी शिकायत
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन सतीश कुमार द्वारा अभिलेख न लेने की शिकायत ठेकेदारों ने सांसद से भी की थी। सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा। यदि उन्होंने आनलाइन टेंडर जमा किया है तो उनके अभिलेख लिए जाएंगे।
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चहेतों को ठेका देने के लिए हो रहा था खेल
आनलाइन टेंडर डालने के बाद जिन ठेकेदारों के अभिलेख नहीं लिए जा रहे थे, उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारी नेता के दबाव में हैं। यही कारण है कि उनके अभिलेख नहीं लिए जा रहे थे। उपेंद्र मिश्र ने बताया कि एक नेता के चहेतों को लाभ देने के लिए उनके अभिलेख नहीं लिए जा रहे थे। टेंडर खुलता तो यही कहा जाता था कि टेंडर के साथ उनके यह प्रपत्र नहीं मिले।
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