गांवों में पेयजल संकट, हाहाकार
लो-वोल्टेज के चलते नहीं चल रहे पानी टंकी के पंप
जेई ने कहा वोल्टेज सुधरने में लगेगा सप्ताह भर का समय
सिराथू (ब्यूरो)। सिराथू सर्किल के दर्जन भर गांवों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लो-वोल्टेज के चलते सप्ताह भर से पानी टंकी के पंप में लगी मोटर नहीं चल रही है। मामले की शिकायत इलाकाई लोगों ने सिराथू सब स्टेशन के जेई से की तो उन्होंने सप्ताह भर इंतजार करने की सलाह दी गई। पेयजल आपूर्ति ठप होने से संबंधित गांवों के बाशिंदों का हाल बेहाल है।
सिराथू सब स्टेशन से इलाके के उपकेंद्रों को सप्ताह भर से लो-वोल्टेज विद्युत आपूर्ति मिल रही है। इसके चलते सर्किल के सैनी, दारानगर, पहाड़पुर सहित दर्जन भर गांवों की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। लो-वोल्टेज मिलने के कारण पंप की मोटर पानी नहीं उठा रही है। इससे सुबह और शाम मिलने वाली जलापूर्ति नहीं हो पा रही। पानी की आपूर्ति ठप होने से संबंधित गांवों के उपभोक्ताओं को बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझना पड़ता है। सैनी, दारानगर, पहाड़पुर आदि गांवों के लोगों का कहना है कि पाइप लाइन से जलापूर्ति ठप होने के चलते उन्हें हैंडपंपों का खारा पानी मजबूरी में पीना पड़ रहा है। मामले की शिकायत संबंधित गांवों के लोंगो ने सिराथू डिस्ट्रीब्यूशन के जेई ज्ञान चंद्र वर्मा से की तो उनका कहना था कि पावर हाउस को पनकी 230 से उन्हें 132 की जगह 116 केवीए बिजली मिल रही है। इसके चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसे ठीक होने में अभी सप्ताह भर का समय लगेगा। बहरहाल पानी टंकी से जलापूर्ति ठप होने के बाद संबधित गांवों के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है।
इनसेट
डार्क जोन होने की वजह से खारा पानी उगल रहे हैंडपंप
सिराथू पावर हाउस के स्थानीय व कड़ा ब्लॉक दोनों डार्क जोन की श्रेणी में हैं। इन दोनों ब्लॉक क्षेत्रों की ग्राम सभाओं में लगे अधिकतर हैंडपंप खारा पानी उगल रहे हैं। ग्रामीणों को पीने युक्त पानी मिल सके इसे देखते हुए पानी टंकी का निर्माण कराकर गांवों को पाइप पेयजल योजना से जोड़ा गया है। लो-वोल्टेज के चक्कर में पाइप पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को मजबूरी में हैंडपंपों से निकल रहा खारा पानी पीना पड़ रहा है।
किसानों की फसलों पर मंडरा रहा सूखने का संकट
सिराथू सब स्टेशन से जुड़े कूरामुरीदन, घटमापुर, भरवारी, कमालपुर, कछुआ, धाता, किशनपुर आदि उपकेंद्र सप्ताह भर से लो-वोल्टेज का शिकार हैं। लो-वोल्टेज के चलते उपकेंद्र से जुड़े नलकूप उपभोक्ताओं को भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। भरपूर बिजली न मिलने और गहरी बोरिंग होने के कारण उनके नलकूप पानी नहीं उगल रहे हैं। ऐसे में निजी नलकूप के सहारे खेती करने वाले किसानों की धान की फसलों पर सूखने का संकट मंडरा रहा है। वोल्टेज नहीं बढ़ने के कारण निजी नलकूप स्वामी अपने-अपने नलकूप चालू नहीं कर रहे हैं। इससे फसलों की सिंचाई का काम बाधित चल रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
लो-वोल्टेज की समस्या पूरे जिले में है। इसकी ऑनलाइन शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। वोल्टेज में सुधार धीरे-धीरे हो रहा है। सप्ताह भर के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगा।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन हाइड्रिल