498 परिषदीय विद्यालय बनेंगे मॉडल स्कूल
चालू वित्तीय वर्ष में आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय
खंड शिक्षा अधिकारियों से जिला पंचायत राज अधिकारी ने मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
दोआबा के 498 ग्राम पंचायतों के एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। इसके लिए डीपीआरओ ने खंड शिक्षा अधिकारियों से ग्राम सभा वार एक-एक स्कूल की सूची तलब की है। सूची मिलते ही ग्राम प्रधानों के माध्यम से स्कूलों को बिजली, पानी, शौचालय सहित विभिन्न सुविधाओं से लैस करने का काम शुरू करा दिया जाएगा। यह सिलसिला पूरे पांच साल लगातार जिले में चलता रहेगा।
जिले के बेसिक विद्यालयों को मॉडल स्कूल का दर्जा जल्द मिलेगा। इसके तहत स्कूलों को बिजली, पानी, शौचालय की सुविधाओं से लैश करने के साथ-साथ सड़क व परिसर में इंटरलॉकिंग कराई जाएगी। यह प्रक्रिया पूरे पांच साल प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक स्कूल विद्यालय को चयनित मॉडल बनाए जाने के लिए जारी रहेगी। शासन का फरमान मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर ने सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों से स्कूलों की सूची तलब की है।
स्कूलों को मॉडल स्कूल का दर्जा दिए जाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूची मिलते ही डीपीआरओ चयनित स्कूलों को मॉडल बनाए जाने की कवायद ग्राम प्रधानों व पंचायत सेक्रेट्रियों के जरिए शुरू करा देंगे। यूं कहें कि पूरे पांच साल में जिले के एक-एक बेसिक स्कूल को सुविधाओं से लैस करते हुए मॉडल बना दिया जाएगा। बहरहाल योगी सरकार की पहल कारगर रही तो जिले के बेसिक स्कूलों के दिन बहुरने में देर नहीं लगेगी।
इनसेट
राज्य और चौदहवें वित्त से कराया जाएगा विकास
प्रत्येक ग्राम पंचायत में मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किए जाने वाले बेसिक स्कूलों पर खर्च करने के लिए शासन से कोई धनराशि अलग से नहीं भेजी जाएगी। स्कूलों में हैंडपंप की बोरिंग, बिजली, इंटरलॉकिंग, सड़क का काम राज्य व चौदहवें वित्त की धनराशि से कराया जाएगा। सौंदर्यीकरण व रंग रोगन बेसिक शिक्षा विभाग के मद से होगा। स्कूल परिसर में हरियाली लाने के लिए पौधरोपण व फूलपत्ती की व्यवस्था वन विभाग व उद्यान विभाग से कराई जाएगी। यूं कहें कि बेसिक स्कूल पूरी तरह से सुविधाओं से लैस होंगे।
जिले की 498 ग्राम सभाओं के एक-एक बेसिक विद्यालय को हर साल मॉडल स्कूल बनाया जाना है। इसके लिए चिन्हांकन कराया जा रहा है। सूची मिलते ही मॉडल स्कूल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
कमल किशोर, डीपीआरओ