सिराथू। कायाकल्प योजना के बाद भी बीआरसी के 76 विद्यालय जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। इन्हीं में से एक नगर पंचायत सिराथू स्थित कंपोजिट विद्यालय हौलीपर की दशा बेहद खराब है। ऐसे में बच्चों के जीवन पर खतरा बना हुआ है।
सिराथू बीआरसी में 93 प्राथमिक 26 कंपोजिट और 73 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। 192 परिषदीय स्कूलों में 32 हजार छात्र-छत्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प योजना शुरू की गई है। लेकिन, प्राथमिक विद्यालय पति का पूरा, कैनी, कोड़र, शाखा, चकिया, हौलीपर सिराथू, रघुनाथपुर, सोंधिया मई, मलाक रेजमा सहित 76 स्कूल जर्जर हैं।
हालांकि, इनमें से कई स्कूलों के एक से दो कमरे क्षतिग्रस्त होने के बाद काम चल रहा है या फिर नजदीकी विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। लेकिन, नगर पंचायत सिराथू के हौलीपर कंपोजिट स्कूल की छत में दरार आने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां बारिश में छतों से पानी टपकता है।
कक्षा एक से आठ तक के इस विद्यालय में महज पांच कमरे हैं। जो, 182 बच्चों के बैठने के लिए नाकाफी हैं। ऐसे में कई कक्षाओं का शिक्षण कार्य बरामदे में होता है। इसका असर पठनपाठन पर पड़ रहा है। शौचालय भी बदहाल पड़े हैं। प्रधानाध्यापक संतोष कुमार ने बताया कि भवन जर्जर होने के बाबत कई बार विभागीय अफसरों को पत्र भेजा जा चुका है। शुक्रवार को बीईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने भी स्कूल का निरीक्षण किया है।
जर्जर 76 विद्यालयों में कई स्कूलों की नीलामी प्रक्रिया के बाद ध्वस्तीकरण होना है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। भवनों की स्थिति बेहद खराब होने पर बच्चों को दूसरे नजदीकी विद्यालय में शिफ्ट किया गया है। हौलीपर कंपोजिट विद्यालय को लेकर एसडीएम को पत्र भेजा गया है।-डॉ. प्रज्ञा सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, सिराथू