कड़ा/भरवारी/नेवादा/कनैली/म्योहर। बारिश में घरों-दीवारों के ढहने का सिलसिला जारी है। 24 घंटे के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 12 लोगों के घर-दीवार ढह गए। इसके मलबे में दबने से एक बच्ची समेत दो की मौत हो गई। जबकि एक महिला घायल हो गई। गृहस्थी नष्ट हो गई। आशियाना ढहने से गरीब परिवार के लोग परेशान हैं।
पखवाड़े भर से हो रही बारिश के कारण जर्जर भवनों पर आफत आ गई है। रोजाना किसी न किसी गांव में घर ढह रहे हैं। मंगलवार रात तकरीबन दस बजे सदर तहसील के नौबस्ता मजरा म्योहर निवासी सुनील कुामर का कच्चा घर ढह गया। इसके मलबे में दबने से घर के भीतर सो रही उसकी पत्नी उर्मिला देवी (35) व दो महीने की बेटी दब गई। चीखपुकार सुन पड़ोसियों ने मलबे से मां-बेटी को बाहर निकाला। लोग अस्पताल ले जाते कि इससे पहले मासूम की मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल उर्मिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पड़ोसी बांकेलाल पुत्र शिवप्रसाद का भी घर ढहने से गृहस्थी दब गई। सिराथू तहसील के दौलतपुर गांव निवासी इस्माइल का कच्चा घर ढह गया। मलबे में दबने से फतेहपुर के जहानाबाद निवासी उसके साढ़ू मो कल्लू की बेटी मयवीश (14) दब गई। आननफानन मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला गया। लोग उसे अस्पताल ले जाते कि इससे पहले उसकी मौत हो गई। खबर मिलते ही मृतका के परिजन दौलतपुर आ गए।
घर वाले लाश लेकर वापस जहानाबाद चले गए। हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इसी तरह से सदर तहसील के भखंदा गांव में लवकुश पुत्र रामसूरत, राजेश पुत्र कल्याण, रामपाल व उसके भाई पप्पू पुत्रगण बुधराम तथा किशोरी लाल पुत्र बच्चा के घर-दीवार एक-एक कर ढह गए। आशियाना ढहने से बेघर हुए पीड़ित परिवार के लोग पन्नी डालकर रह रहे हैं। पीड़ितों ने इसकी सूचना राजस्व निरीक्षक को दे दी है। वहीं भरवारी के वार्ड नंबर एक निवासी शमीम अहमद पुत्र स्व इस्लाम उल्ला के घर का पिछला हिस्स ढह गया। इसके मलबे में सिलाई मशीन, बर्तन समेत हजारों की गृहस्थी दब गई। पड़ोसी निहाल के घर की भी एक दीवार ढह गई। चायल तहसील के मोहम्मदाबाद गांव निवासी गायत्री निषाद पत्नी बिहारी का घर बुधवार दोपहर भरभराकर गिर गया।