बारा। पर्यटन नगरी कौशाम्बी समेत विद्युत उपकेंद्र गोपसहसा से जुड़े करीब 40 गांवों में बिजली का संकट गहरा गया है। हफ्ते भर से लो-वोल्टेज के कारण घरों के विद्युत चालित उपकरण भी शो-पीस बने हुए हैं। इसके चलते पर्यटकों, किसानों दिक्कत को हो रही है। पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से नलकूप नहीं चलते से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या का समाधान करना करना तो दूर विभागीय इंजीनियर शिकायत सुनना भी मुनासिब नहीं समझते हैं। इससे ग्रामीणों मे आक्रोश है।
विद्युत उपकेंद्र गोपसहसा से बारा, मेड़रहा, ढोकसहा, बेरौंचा, गुरौली, हिसामबाद, इटैला, रजीपुर, मुस्तफाबाद, कोशम, बिजिया चौराहा के साथ ही समूचे पर्यटन क्षेत्र कौशाम्बी को बिजली की सप्लाई दी जाती है। चतुर्मास चलने के कारण देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक रोजाना भ्रमण के लिए कौशाम्बी नगरी आते हैं। पूर्व प्रधान अशोक मिश्र, ग्राम प्रधान अतीक अहमद, शशिकांत त्रिपाठी, राजेश मिश्रा, सपा नेता बुधराम यादव, रामखेलावन यादव आदि का कहना है कि गोपसहसा उपकेंद्र में हफ्ते भर से परेशानी है। कहने को तो बिजली मिलती है, लेकिन वोल्टेज इतना लो रहता कि बल्ब सिर्फ टिमटिमाते हैं। विद्युत चालित टेलीविजन, पंखा, फ्रीज आदि उपकरण शा-ेपीश बन गए हैं।
सही वोल्टेज नहीं मिलने के कारण ट्यूबवेल भी ठप हैं। इससे धान के फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। आरोप है कि उपकेंद्र के अवर अभियंता वीके तिवारी उपभोक्ताओं का फोन ही नहीं रिसीव करते हैं। एसडीओ राहुल यादव का भी जवाब संतोषजनक नहीं रहता है। संपर्क करने पर समस्या दिखवा लेने की बात कहकर फोन काट देते हैं। दो दिन तो इलाके की सप्लाई पूरी तरह से ठप थी। बाद में सदर विधायक के हस्तक्षेप पर मंगलवार सुबह बिजली सप्लाई हुई तो लो-वोल्टेज की पुरानी समस्या बनी हुई है। एक्सईएन प्रदीप सोनकर का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि लो-वोल्टेज की समस्या है तो जल्द ही उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा।