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केले की खेती से मिनी भुसावल नजर आएगा दोआबा

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मंझनपुर।
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केले की बड़े पैमाने पर होने वाली खेती से दोआबा इस साल मिली भुसावल नजर आएगा। अच्छी आमदनी होने पर किसानों का रुझान देखते हुए उद्यान विभाग ने पिछले साल की तुलना में इस बार लक्ष्य पांच गुना बढ़ा दिया है। मौसम मुफीद होते ही किसानों ने केला सकर्स की नर्सरी खेतों में डालना शुरू कर दिया है। जुलाई माह के अंत रोपाई का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।

केले की खेती से किसानों को अन्य फसलों की तुलना अधिक आमदनी हो रही है। उद्यान विभाग द्वारा इस खेती के लिए किसानों को अनुदान भी दिया जाता है। अच्छी आमदनी व सरकारी मदद मिलने से किसानों का रुझान केले की खेती में अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। पिछले साल जिले के किसानों ने 30 हेक्टेयर भूमि पर केले की खेती की थी। अधिक आमदनी से केले की खेती के प्रति किसानों की बढ़ी रुचि को देखते हुए उद्यान विभाग ने केला खेती का लक्ष्य इस साल पांच गुना बढ़ा दिया है।
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इसके तहत जिले में 140 लाख हेक्टेयर भूमि पर केले की खेती कराई जाएगी। लक्ष्य बढ़ाने के बाद विभाग ने किसानों को निजी धन से जी-9 प्रजाति के केले की खेती करने के लिए स्वीकृति पत्र भी जारी कर दिया। विभाग से स्वीकृति पत्र मिलने के बाद किसान केला सकर्स खरीदकर खेतों में नर्सरी डालने में जुट गया है। कुल मिलाकर केला खेती का लक्ष्य बढ़ने से इस बार दोआबा मिनी भुसावल नजर आएगा।

केले की खेती से मिनी भुसावल नजर आएगा दोआबा
डेढ़ सौ हेक्टेयर में खेती कराने का विभाग ने रखा लक्ष्य
रोपाई के लिए किसानों ने खेतों में डाली नर्सरी


इनसेट
दस रुपए प्रति पौधे की दर से मिलेगा अनुदान
केले की खेती करने वाले किसानों को इस साल विभाग दस रुपए प्रति पेड़ की दर से अनुदान देगा। खेतों में केले की रोपाई करने के बाद किसान विभाग को इसकी सूचना देगा। इसके बाद जिला स्तरीय टीम द्वारा खेतों पर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद विभाग प्रति पौधे दस रुपए की दर से अनुदान राशि किसान के खाते में भेज देगा। विभाग की मानें तो अगस्त माह के पहले सप्ताह तक किसानों को अनुदान की राशि आवंटित कर दी जाएगी।
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केले की खेती के प्रति किसानों की रुचि को देखते हुए लक्ष्य बढ़ाया गया है। इस बार अनुदान की राशि पौधों का सत्यापन करने के बाद सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। अनुदान के लिए विभाग ने किसानों को स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है।
मेवाराम, प्रभारी उद्यान अधिकारी
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