जिले के बालू खनन और परिवहन पर शासन ने ई-रवन्ने का शिकंजा आखिरकार कस ही दिया। माह भर पहले शुरू हुई पहल पर शासन ने मुहर लगाते हुए एक अगस्त से ई-रवन्ने को प्रयोग में लाए जाने का फरमान जारी कर दिया। ई-रवन्ना लेने के लिए बालू पट्टाधारकों के आधार पत्र सहित सभी दस्तावेज निदेशालय में रखे जाएंगे। इस आशय का फरमान शासन ने जिले के खनन कार्यालय को भेज दिया है।
जिले के बालू पट्टाधारकों द्वारा एमएम-11 (रवन्ना) के नाम पर जमकर खेल किया जाता था। एक घाट का रवन्ना दूसरे घाट पर प्रयोग करने के साथ ही फर्जी रवन्ने भी ट्रक चालकों को देकर परिवहन कराया जाता था। इससे जिले में अवैध खनन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अवैध परिवहन भी जमकर होता था। सूबे की योगी सरकार ने पट्टाधारकों के इस खेल पर पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है।
माह भर पहले शुरू हुई शासन की पहल अब मूर्त रूप ले चुकी है। जिले में अब एक अगस्त से बालू परिवहन व एक अक्तूबर से शुरू होने वाले खनन में निदेशालय से जारी होने वाले एमएम-11 की जगह ई-रवन्ने का प्रयोग किया जाएगा। इस आशय का फरमान अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने जिले के खनन निरीक्षक को भेजा है।
शासन का फरमान मिलने के बाद खनन विभाग पट्टेधारकों पर शिकंजा कसने की कवायद में जुट गया है। माना जा रहा है कि इससे बालू के अवैध खनन व परिवहन में चल रहे रवन्ने के खेल पर पूरी तरह से अंकुश लगने की संभावना है।