फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaushambi News: 52 सीटों वाली बसों में 70 से 75 मुसाफिरों ने किया सफर...बैठने को नहीं मिली सीट

Thu, 31 Oct 2024 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
विज्ञापन
मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद
विज्ञापन
दीपावली के कारण रोडवेज की बसों में यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज से कानपुर और चित्रकूट रूट पर सबसे ज्यादा यात्री निकले। स्थिति यह थी कि 52 सीटों वाली रोडवेज की बसों में 70 से 75 यात्रियों को सफर करना पड़ा। रोडवेज ने अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया, लेकिन भीड़ के आगे यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई।
विज्ञापन

मंझनपुर डिपो में 20 बसें हैं। इनका प्रयागराज, चित्रकूट, कानपुर और लखनऊ समेत अन्य रूटों पर संचालन होता है। आम दिनों में रोजाना ढाई से तीन हजार मुसाफिर इन बसों से सफर करते हैं। इसके अलावा लीडर रोड, बांदा, राठ डिपो की बसों का मंझनपुर व जिले के अन्य हिस्सों से होकर आवागमन होता है।
मंगलवार तक ज्यादातर बसों में यात्रियों का संकट था। दीपावली की वजह से बुधवार को एकाएक यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर में प्रयागराज से चित्रकूट जा रही 52 सीट की एक बस में ही करीब 70 तो किसी में 75 सवारियां नजर आईं। सीटें न मिलने के कारण तमाम लोग खड़े-खड़े ही सफर कर रहे थे।
विज्ञापन

मूरतगंज से चित्रकूट जाने के लिए बस में चढ़े सोनेलाल ने बताया कि भीड़ होने की वजह से करीब एक घंटे के अंदर तीन बसें छोड़ दीं। आखिर में इस बस पर चढ़ा। बस के डिपो में पहुंचते ही अमित कुमार नीचे उतरे और चबूतरे में जाकर बैठ गए। उन्होंने बताया कि महेवाघाट जाना है। प्रयागराज से ही खड़े-खड़े आ रहे हैं। बैठने की जगह नहीं मिली।
कुछ यही हाल अमूमन सभी बसों का रहा। चित्रकूट के लिए तीन अतिरिक्त बसें चलाई गई थीं। फिर भी यात्रियों की भीड़ के आगे व्यवस्थाएं कमतर नजर आईं। प्रयागराज से कानपुर रूट पर भी यात्रियों को सफर में काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं

ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की रही चांदी

त्योहारी मौसम में यात्रियों की भरमार के कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की चांदी रही। मंझनपुर चौराहे पर ओसा रोड के पास आधी सड़क टेंपो, ई-रिक्शा और प्राइवेट बस चालकों के कब्जे में रही। यहां से महेवाघाट, करारी, सरायअकिल जाने वाले टैक्सी वाहन चले। इसके अलावा समदा रोड पर भरवारी व मूरतगंज रूट के टेंपो व ई-रिक्शा का जमावड़ा रहा। इसकी वजह से इन स्थानों पर जाम की हालत रही। ई-रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि आम दिनों में बमुश्किल 500 रुपये की कमाई होती है। जबकि, दीपावली के कारण आधे दिन में ही 700 रुपये का काम हो गया। टेंपो चालक अमरेश ने बताया कि सामान्य दिनों में मंझनपुर-सैनी के बीच दो फेरे भी लग जाए तो बड़ी बात है। आज तो स्टैंड पर टेंपो खड़ा करते ही सवारियां फुल हो रही हैं। उम्मीद है कि त्योहार अच्छा रहेगा।

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें