मंझनपुर/पश्चिमशरीरा। तमाम प्रयासों के बावजूद घाटों पर बालू की ओवरलोडिंग नहीं रुक रही है। सोमवार को रात भर चले अभियान में इसका खुलासा हुआ। डीएम-एसपी के निर्देश पर टीम ने महेवाघाट इलाके से बालू से ओवरलोड करीब 52 वाहनों को सीज कर दिया। कार्रवाई से बालू कारोबारियों, वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जिले के महेवाघाट में बालू खनन के लिए दो खंड आवंटित है। इन खंडों में मशीनों से बालू की ओवरलोडिंग की शिकायतें मिल रही थी। रविवार के अंक में अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके अगले दिन डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता ने एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी की अगुवाई में पुलिस,परिवहन एवं खनन की संयुक्त टीम गठित की। टीम में शामिल एआरटीओ शंकरजी सिंह, खनन निरीक्षक राज रंजन, सीओ सिटी मोइन खान आदि ने पुलिस फोर्स लेकर सोमवार रात महेवाघाट इलाके में चेकिंग अभियान चलाया। इसकी जानकारी मिलने पर वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। चालक बालू लदे वाहनों को खड़ाकर इधर-उधर खिसक गए। अफसरों ने खोज-खोजकर ढाबों, सड़क किनारे अथवा लिंक मार्ग में घुसे वाहनों को पकड़ लिया। एआरटीओ शंकर जी सिंह ने बताया कि सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक चले अभियान के दौरान बालू से ओवरलोड करीब 12 ट्रक-डंपर एवं 40 ट्रैक्टर आदि वाहनों को सीज किया गया। सभी वाहनों को कृषक इंटर कॉलेज हिनौता के खेल मैदान में खड़े कराकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
दोआबा में बालू की ओवरलोडिंग व कीमतों का मुद्दा मंगलवार को सदन में गूंजा। चायल क्षेत्र के भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने विधानसभा में इस पर नियंत्रण की योजना बनाने की मांग की। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री ने मांगों पर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। विधायक ने सरकार को अवगत कराया कि कौशाम्बी जनपद में बालू का दाम अधिक होने के कारण जनता परेशान है। नीलाम किए गए 13 पट्टों में से मात्र तीन पट्टा धारकों को पर्यावरण विभाग का क्लीयरेंस (ईसी) प्राप्त है। यक तीनों आपस में सिंडिकेट बना कर ईसी की शर्तो का खुला उल्लंघन करते हुए अत्यधिक दर पर बालू की बिक्त्रस्ी कर रहे हैं। रवन्ने से अधिक बालू की ओवर लोडिंग करने से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। साथ ही सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। विधायक ने कहा कि राज्य सड़क प्रबंधन समिति का सदस्य होने के नाते मैं मांग करता हूं कि ओवर लोडिंग को तुरंत रोका जाए। साथ ही बालू का विक्त्रस्य मूल्य तय करते हुए सभी घाटों पर रेट बोर्ड लगा कर जन-सामान्य में प्रचारित-प्रसारित किया जाए। ताकि, कोई भी पट्टा धारक अधिक मूल्य लेने का प्रयास करे तो जनता जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों शिकायत कर सके।