राम हुए वनवासी, रो पड़े अयोध्यावासी
करारी में भी चल रही रामलीला में उमड़े रहे लोग
अजुहा (ब्यूरो)। अजुहा में पांच दिन से रामलीला का मंचन हो रहा है। शनिवार की रात राम वनवास का मंचन हुआ। राम सीता व लक्ष्मण के साथ वन को निकले तो श्रद्धालु रो पड़े ।
अजुहा के वार्ड नंबर 11 में रामलीला का मंचन हो रहा है। मर्यादा पुरुषोत्तम का राज्याभिषेक हुआ तो राम के जयकारे से पूरा अजुहा गुंजायमान हो गया। दर्शक भी हर्षित थे। लोगों ने राम की आरती भी उतारी। इसके बाद मंथरा के सूचना देते ही रानी कैकेयी कोप भवन चली जाती है। राजा दशरथ को इसकी जैसे ही सूचना मिलते ही वह परेशान हो जाते थे। वह कैकेयी से मिलने पहुंचते हैं। कैकेयी उन्हें याद दिलाती है कि उन्होंने कहा था कि मैं वचन कभी भी मांग सकती हूं। राजा दशरथ खुशी-खुशी कहते हैं कि मांगो। इस पर कैकेयी कहती है कि राम को वनवास और भरत को राजगद्दी दी जाए। इतना सुनते ही राजा दशरथ स्तब्ध रह जाते हैं। कैकेयी की मां सुन उनका शरीर कांप उठता है। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ जाती है। राम को इसका पता चलता है कि वह वन जाने की तैयारी शुरू कर देते हैं। सीता व लक्ष्मण भी उनके साथ जाने को तैयार हो जाते हैं। राम के वन जाते ही दर्शक रो पड़ते हैं। उधर दशरथ पुत्र वियोग में दम तोड़ देते हैं। भरत गद्दी पर खड़ाऊ रखकर राम से मिलने के लिए वन को रवाना होते हैं। करारी में भी रामलीला का मंचन हो रहा है। रामलीला देखने के लिए आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
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भरवारी में भी रामलीला का शुभारंभ
नगर पंचायत भरवारी में शनिवार की रात को मुकुट पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ हो गया। कमेटी के अध्यक्ष अरुण केशरवानी,महामंत्री सुभाष चंद्र गुप्ता आदि ने मुकुट की पूजा की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से पूजा भी की गई। इसके बाद रामलीला का शुभारंभ हुआ। व्यास जी ने रामलीला की चौपाई पढ़कर रामलीला का मंचन शुरू करा दिया।