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सीएम सामूहिक विवाह योजना: दिलचस्पी नहीं दिखा रहे मुस्लिम

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सीएम सामूहिक विवाह योजना: दिलचस्पी नहीं दिखा रहे मुस्लिम
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19 नवबंर को होने वाली शादी के लिए महज दो ने कराया पंजीकरण
मई में हुई 74 शादियों में सिर्फ तीन मुस्लिम जोड़ों ने कराया था निकाह, अफसरों को छूट रहा पसीना
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बेटियों की शादी को लेकर मुस्लिम समाज मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से दूरी बनाए हुए हैं। अभी तक इस महत्वपूर्ण योजना के तहत तीन मुस्लिम जोड़ों ने ही शादी रचाई है। मुस्लिम जोड़ों को शादी के लिए खोजने में अफसरों को पसीना आ रहा है।
सपा सरकार गरीबों की शादी के लिए 20 हजार का अनुदान देती थी। प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार ने इसका स्वरूप बदल दिया है। भाजपा सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित कर इसके तहत 35 हजार रुपये मुहैया कराने की व्यवस्था कर दी है। योजना के तहत 20 हजार रुपये लड़की के खाते में तो दस हजार रुपये शादी की जरूरत वाले उपहारों पर तथा पांच हजार रुपये समारोह के लिए लगाए जाने वाले टेंट भोजन आदि पर खर्च करने की व्यवस्था की है। पिछले सत्र में योजना के तहत 179 जोड़ों ने शादी रचाई थी। इस साल योजना के तहत 15 सौ गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सत्र की शुरूआत में मई महीने में आयोजित समारोह के दौरान 74 जोड़ों की शादी कराई गई थी। इनमें से सिर्फ तीन मुस्लिमों ने निकाह कराया। अब 19 नवंबर को डायट मैदान में जिला स्तरीय समारोह आयोजित कर 202 जोड़ों की शादी कराने की विभागीय योजना है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि अब तक 110 जोड़ों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से महज दो मुस्लिम जोड़े निकाह के लिए राजी हुए हैं। सामूहिक विवाह योजना के तहत मुस्लिमों के गरीब परिवार क्यों राजी नहीं हो रहे हैं। इसे लेकर अफसरों की चिंता बढ़ गई है। अल्पसंख्यकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अफसर हैरान-परेशान हैं।
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202 जोड़ों की शादी कराने की तैयारी
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कें तहत इस साल 1500 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य प्रस्तावित किया है। पर, बजट के नाम पर सिर्फ 96.60 लाख रुपये ही आवंटित किया गया है। यह रकम केवल 276 जोड़ों की शादी में ही खत्म हो जाएगी। 74 जोड़ों की शादी साल के शुरुआत में ही हो गई है। ऐसे में बाकी बची रकम से केवल 202 जोड़ों का ही विवाह हो सकता है। नोडल अफसर ने बताया कि इसके लिए तैयारी की जा रही है।
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एक ही परिवार की दो बेटियों को भी मिल सकता है लाभ
दो लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवार सीएम सामूहिक विवाह योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना की खासियत है कि इसके तहत एक ही परिवार की दो बेटियों की भी शादी की जा सकती है। योजना का लाभ लेने के लिए ऑन लाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है।
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18 नवंबर तक होगा रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नोडल अफसर/जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि ब्लॉक और स्थानीय निकायों में जोड़ों का पंजीकरण हो रहा है। 18 नवंबर तक होने वाले पंजीकरण की रिपोर्ट आने के बाद सामूहिक विवाह के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। बताया कि किसी भी वर्ग या जाति के पात्र लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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कौशाम्बी ब्लॉक में अब तक हुए दस रजिस्ट्रेशन
बारा। 19 नवम्बर को होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए कौशाम्बी ब्लॉक में रजिस्ट्रेशन हो रहा है। ग्राम विकास अधिकारी समाज कल्याण आदित्य पाल ने बताया कि अब तक लछमनापुर, एेंगवा, नरेंद्र बारा, बड़गांव, बेरौंचा से 10 जोड़ो ने शादी के लिए पंजीकरण करा लिया है। बीडीओ हरिश्चन्द्र सिंह ने बताया कि कौशाम्बी ब्लॉक के कम से कम 20 जोड़ों का सीएम विवाह योजना के तहत शादी कराई जाएगी।
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बोले शहर काजी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीबों के लिए मुफ ीद है। इस योजना में यदि मुस्लिम रीति-रिवाज से शादी कराई जाती है तो निकाह जायज और मुनासिब है। पात्र मुस्लिमों को सरकार की इस योजना का फ ायदा उठाना चाहिए।
मौलाना अहमद हबीब-शहर काजी
फोटो नं-3, फोटो नं-4
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