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आधार कार्ड फीडिंग में गड़बड़ी, राशन से वंचित हुए गरीब

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आधार कार्ड फीडिंग में गड़बड़ी, राशन से वंचित हुए गरीब
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कौशाम्बी विकास खंड के कई गांवों में बड़े पैमाने पर हुआ खेल
वर्षों से राशन उठा रहे गरीब परिवारों के निरस्त हुए कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
म्योहर। कौशाम्बी विकास खंड के म्योहर गांव में वर्षों से राशन पा रहे तमाम गरीब परिवारों को अक्तूबर माह का राशन नहीं मिल सका। कोटेदार से पता करने पर बताया गया कि कार्ड निरस्त कर दिया गया है। आधार कार्ड फीड नहीं कराए जाने से ग्रामीणों के सामने यह समस्या आई है। अब लोग आधार कार्ड फीड कराने के लिए पूर्ति विभाग का चक्कर लगा रहे हैं।
म्योहर गांव के दर्जन भर से ज्यादा पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को इस महीने राशन नहीं मिल सका। कोटेदार ने बताया कि उनका राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं होने के कारण समस्या हुई है। दूसरी तरफ ग्रामीणों का कहना है कि उन लोगों ने कोटेदार को काफी पहले आधार कार्ड दे दिया था। इसके बाद भी बिचौलियों से मिली भगत करके आधार फीड नहीं कराया गया। अब सुविधा शुल्क के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। पड़रिया सुकवारा गांव की गुड्डी देवी का कहना है कि उसने अपने परिवार के सभी तीनों सदस्य का आधार कार्ड कोटेदार को दे रखा था। इसके बाद भी आधार फीड नहीं कराया गया। कार्ड से दो यूनिट कम कर दिया गया है। कमला देवी के परिवार के सदस्यों का नाम भी काट दिया गया है। सुनील कुमार के परिवार के दो सदस्यों का नाम दूसरे गांव के कार्ड से फीड कर दिया गया है। म्योहर गांव की प्रभावती, फूलमती, शकुंतला, रीता, लक्ष्मी, ईशा, बिट्टन, प्रेम लता, वीनू, सोमवती के कार्ड में इसी तरह का खेल हुआ है। इसके अलावा तमाम लोगों के कार्ड ही निरस्त कर दिए गए हैं।
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बिचौलिए वसूलते हैं सुविधा शुल्क
म्योहर। कार्ड में आई दिक्कत सुधरवाने के लिए लोग अब कोटेदारों के यहां चक्कर लगा रहे हैं। कोटेदार उन्हें बिचौलियों के पास भेजते हैं। वह लोग सुविधा शुल्क वसूलने के बाद ही कार्ड में आई गड़बड़ी सुधरवाते हैं।
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ग्रामीणों का दर्द
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जून 2016 में राशन कार्ड बना था। अक्तूबर में राशन लेने गया तो कोटेदार ने बताया कि कार्ड निरस्त कर दिया गया। मानसिक स्थित ठीक नहीं है। इस वजह से परिवार के गुजारे का भी संकट है।
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राकेश कुमार, (कार्ड निरस्त)
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पति ने साथ छोड़ा और बच्चों ने भी अलग कर दिया। कार्ड से मिलने वाले गल्ले से ही दो जून की रोटी मिलती है। कार्ड निरस्त कर दिए जाने से समस्या बढ़ गई है।
चौरस देवी, (कार्ड निरस्त)

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जनवरी 2016 में बने राशन कार्ड से परिवार की गाड़ी राजी-मजे से चल रही थी। अक्तूबर में कार्ड निरस्त कर दिया गया है। जबकि आधार कार्ड कोटेदार को दिया गया था।
गोरई (कर्ड निरस्त)
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इनका कहना है
फिलहाल ऐसी जानकारी नहीं है। फिर भी कार्ड किस कारण से निरस्त किए हैं? इसकी जानकारी कर पात्रों को हर हाल में राशन कार्ड मुहैया कराया जाएगा।
कुमार निर्मेन्दु, डीएसओ
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