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सुरसेना से पलायन मामले में तेज हुई सियासत

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सुरनेवादा। दोआबा के सुरसेना गांव से कुछ लोगों के पलायन मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। मंगलवार को जिलाध्यक्ष की अगुवाई में सपाइयों का प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा। इन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की। उत्पीड़न नहीं रुकने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी।
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सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के सुरसेना गांव में 24 जून को अधिवक्ता राजेन्द्र द्विवेदी और डॉ. निसार के बीच अवैध बालू लदे ट्रैक्टर का वीडियो बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इनके बीच जमकर मारपीट हुई थी। पुलिस पर भी हमला किया गया था। मामले में अधिवक्ता राजेन्द्र की तहरीर पर डॉ. निसार सहित नौ नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। डॉ. निसार पक्ष के लोगों का आरोप है कि पुलिस गिरफ्तारी के नाम पर बेगुनाहों को परेशान कर रही है। पुलिस के खौफ से करीब छह लोग परिवार सहित गांव छोड़कर चले गए हैं। सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष तलत अजीम इनका हाल लेने सुरसेना पहुंचे थे।

इसके बाद मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष खड़क सिंह पटेल, पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव परवेज अख्तर अंसारी आदि ने सुरसेना में ग्रामीणों से पूछताछ की। जिन घरों के पुरुष फरार हैं, उनकी महिलाओं से बातचीत की। सपाइयों ने पुलिसिया उत्पीड़न बंद नहीं होने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष को घटना से अवगत कराने और आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस मौके पर चंद्रबली पटेल, अनवार अहमद, बृजभान सिंह यादव, राजू इकबाल, इरफान अहमद, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।
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