पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग 22 जुलाई से जिलेभर में 45 दिवसीय टीकाकरण अभियान शुरू करेगा। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अभियान 8 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान जिले के 2,62,400 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए 188 कर्मियों की तैनाती की गई है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में कुल 2,76,208 पशुधन हैं। इनमें टीकाकरण के लिए पात्र पशुओं को निशुल्क टीका लगाया जाएगा। यह बीमारी मुख्य रूप से गाय, भैंस, बैल, बकरी, भेड़ और सूअर जैसे खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है। नोडल अधिकारी डॉ. राकेश विश्वकर्मा ने बताया कि सभी आठ विकास खंडों में एक साथ अभियान शुरू होगा। विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और वैक्सीन की कोल्ड चेन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने पशुपालकों से अभियान में सहयोग कर सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण कराने की अपील की है।
जिले में अभियान एक नजर में
कुल पशुधन : 2,76,208
गोवंश : 75,645
महिषवंश : 2,00,563
टीकाकरण का लक्ष्य : 2,62,400 पशुधन
अभियान के लिए तैनात कर्मी : 188
इन पशुओं को नहीं लगेगा टीका
- बीमार एवं कमजोर पशुधन
- छह-सात माह तक के गाभिन पशुधन
- 15 दिन के भीतर ब्यायी पशुधन
- चार माह से छोटे पशुधन
खुरपका-मुंहपका रोग पशुधन की दुग्ध उत्पादन क्षमता और शारीरिक क्षमता पर गंभीर असर डालता है। टीकाकरण से संक्रामक बीमारी का नियंत्रण होता है। 22 जुलाई से पूरे जिले में पशुपालन विभाग टीकाकरण अभियान संचालित करेगा।
- डॉ. अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी