मंझनपुर। कोखराज से कनवार तक प्रस्तावित सिक्सलेन में अधिग्रहण की गई जमीनों की मनमानी पैमाइश व मुआवजे को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने शुक्रवार को मंझनपुर में एनएचएआई के पुतले की शवयात्रा निकाली। पुतला लेकर पहुंचे किसानों ने कलक्ट्रेट का घेराव किया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को सौंपा।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 को फोर से सिक्सलेन बनाया जा रहा है। इसमें कोखराज से लेकर कनवार तक सड़क किनारे बसे किसानों, व्यापारियों के खेत और घरों को एनएचएआई ने अधिग्रहीत किया है। किसानों, व्यापारियों का आरोप है कि एनएचएआई के जिम्मेदार अधिग्रहीत भूमि की गलत पैमाइश कर मनमाना मुआवजा दे रहे हैं। इसके विरोध में प्रभावित लोग महीने भर से विरोध, प्रदर्शन कर रहे हैं। कई चक्रों में प्रशासन व एचएचएआई के अधिकारियों संग बैठक के बावजूद सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इससे किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित किसान, व्यापारी आदि शुक्रवार को मंझनपुर चौराहे पर इकट्ठा हुए। यहां से एनएचएआई के पुतले की शवयात्रा निकालकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट का घेराव किया। बाद में एडीएम राकेश श्रीवास्तव को सर्किल रेट से मुआवजा दिलाने, सही पैमाइश कराने समेत 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। विरोध, प्रदर्शन करने वालों में भाकियू जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख अनुज यादव, जिला पंचायत सदस्य आशीष मौर्या, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अश्वनी सिंह, राजीव मौर्या, दिलीप यादव, बसंत पटेल, विष्णु पटेल, जहाजी मौर्या आदि शामिल रहे।