मंझनपुर। सिराथू विकास खंड के गुरू का पुरवा मजरा शाखा के ग्रामीण सरकारी येाजनाओं से बेजार हैं। गांव में आवागमन के लिए न तो सड़क है और न ही किसी को आवास एवं शौचालय योजना का लाभ मिल सका है। इसे लेकर ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
सिराथू ब्लॉक का शाखा जिले के चर्चित गांवों में शामिल है। इस गांव के रहने वाले स्व. शिवसागर सिंह का खासा रसूख रहा है। वह खुद भी सिराथू ब्लॉक के प्रमुख व डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव के चेयरमैन रहे। पर, मूल गांव गुरू का पुरवा मे आज तक विकास की किरण नहीं पहुंची। गांव को जोड़ने वाले 400 मीटर लंबी मुख्य सड़क आज भी कच्ची है। बारिश के दिनों में लोगों को कीचड़ व जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
आवास और शौचालय की योजना से भी इस गांव के लोग वंचित हैं। इतनी बड़ी आबादी के बीच महज एक हैंडपंप ही लोगों के गला तर करने का साधन है। इसके चलते हमेशा यहां पेयजल की किल्लत बनी रहती है। गांव के वीरेंद्र कुमार, ज्ञानेंद्र तिवारी, दीवांशु मिश्रा, शिवम त्रिपाठी, रवि सुंदर पांडेय गजेंद्र मिश्रा, विनोद मिश्रा गुलाब मिश्रा आदि का कहना है कि पहले तो यहां जनप्रतिनिधि आते ही नहीं है। चुनाव के वक्त भी सफेदपोश रसूखदारों से मिलकर चले जाते हैं। इसके चलते गांव का विकास नहीं हो सका। ग्रामीण गांव में डीएम से चौपाल लगाने की चौपाल लगाने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिह यादव का कहना है कि बरसात के बाद गांव में सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
बच्चे पानी में घुसकर जाते हैं स्कूल, नहीं है कोई रास्ता।
कनैली। कौशाम्बी ब्लॉक के बकोढा गांव स्थित जूनियर विद्यालय के चारों तरफ बारिश में जलभराव हो गया है। इसके चलते बच्चों के आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। विद्यालय में बच्चों की संख्या 99 है। प्रधानाध्यापक सोम सिंह ने बताया कि बच्चे पानी में घुसकर आवागमन करते हैं। अक्सर बच्चे पानी में फिसल कर गिरकर चोटिल होते हैं। इसके चलते बच्चों के ड्रेस व कॉपी-किताब भीगकर जाती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि अफसरों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।