सहायिका के असहयोग से दु:खी अनशन पर बैठे गुरुजी
शिक्षण कार्य व मध्याह्न भोजन में लगाया मनमानी का आरोप
कार्रवाई का आश्वासन देकर एबीएसए ने खत्म कराया अनशन
नेवादा (ब्यूरो)। बीआरसी नेवादा में जूनियर विद्यालय के एक शिक्षक गुरुवार को आमरण अनशन पर बैठ गए। वह विद्यालय में तैनात दो सहायक अध्यापिकाओं व रसोइया की मनमानी से त्रस्त हैं। अनशन की जानकारी दोपहर बाद एबीएसए को हुई तो वह कई शिक्षकों के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्होंने अनशन खत्म करा दिया।
जूनियर विद्यालय अमवा में प्रधानाध्यापक महेंद्र कुमार व सहायक अध्यापिका कमला सिंह और शशि केसरवानी की तैनाती है। प्रधानाध्यापक का आरोप है कि दोनों सहायिका शिक्षण कार्य में तनिक भी सहयोग नहीं करतीं। दोनाें सहायिकाओं के बहकावे में आकर रसोइया भी मध्याह्न भोजन बनाने में मनमानी करती हैं। मामले की शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की गई पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सहायिका व रसोइया की मनमानी से आजिज प्रधानाध्यापक गुरुवार को बीआरसी नेवादा पहुंचे और आमरण अनशन पर बैठ गए। दोपहर बाद लगभग तीन बजे आमरण अनशन की जानकारी एबीएसए को हुई तो उनके हाथ पांव फूल आए। वह मौके पर पहुंचे और अनशन पर बैठे गुरूजी को कार्रवाई का हवाला देकर किसी तरह मनाया। अनशन खत्म करने के बाद प्रधानाध्यापक ने चेतावनी दिया कि समस्या का समाधान चार सितंबर तक नहीं होता तो वह पांच सितंबर से पुन: आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। बहरहाल शिक्षक के अनशन खत्म कर देने से एबीएसए ने राहत की सांस ली है।