जीएसटी कार्यालय के बाहर लगा बोर्ड। संवाद
दो करोड़ रुपये से अधिक जीएसटी बकाया वसूली को लेकर राज्य कर विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त राज्य कर अधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र की करीब 400 फर्मों को नोटिस जारी किए गए हैं। लगातार बकाया जमा नहीं करने वालों के बैंक खाते सीज कर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जीएसटी वर्ष 2017–18 से 2025–26 तक की देनदारी में कई व्यापारी अब तक कर, ब्याज और पेनाल्टी जमा नहीं कर रहे थे। विभाग ने ऐसे सभी 400 बकायेदारों को अंतिम नोटिस भेजते हुए सख्त चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बकाया राशि नहीं जमा करने पर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त राज्य कर अधिकारी राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि व्यापारी कर की कुल धनराशि का 10 प्रतिशत जमा कर प्रथम अपील में 90 प्रतिशत राशि पर स्टे ले सकते हैं। वहीं प्रथम अपील खारिज होने पर 20 प्रतिशत राशि जमा कर दूसरी अपील में 80 प्रतिशत धनराशि पर स्थगन आदेश प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए समय पर आवेदन जरूरी है।
बकाया पर सख्ती, खाते भी सीज
उयायुक्त राज्य कर ने बताया कि कई फर्मों के बैंक खाते सीज कर दिए हैं। जल्द भुगतान नहीं करने वालों पर कुर्की व नीलामी की कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही करीब 40 फर्म ऐसी मिली हैं जो अपने निर्धारित पते पर नहीं हैं। इनके खातों के लेनदेन रोके जाने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क किया जा रहा है।