सराय अकिल पावर हाउस के मंझनपुर फीडर की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। बारिश के दौरान जर्जर तार, डिस्क, इंसुलेटर आपूर्ति लगते ही फुंक जाते हैं। इसके चलते पखवारे भर से उपभोक्ताओं को आधे घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल पा रही। जिम्मेदार हैं कि वह भी समस्या के आगे लाचार नजर आ रहे हैं।
सराय अकिल उपकेंद्र का मंझनपुर फीडर सबसे बड़ा है। इस फीडर से इलाके के बसुहार, म्योहर, इच्छना, बटबंधुरी, रानीपुर, शुकुवारा समेत इलाके के तीन दर्जन गांवों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। पखवारे भर से इन गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। बारिश शुरू होने के बाद लगभग 25 किलोमीटर लंबी लाइन के जर्जर तार आए दिन टूटकर गिरने लगे हैं। अकेले इच्छना गांव के पास पखवारे भर के भीतर दस बार विद्युत तार टूटकर गिर चुका है।
इसके अलावा लाइन में लगे अर्से पुराने डिस्क, इंसुलेटर भी ब्रस्ट हो जा रहे हैं। इसके चलते फीडर की बिजली आपूर्ति ब्रेक डाउन रहती है। पखवारे भर से चरमराई विद्युत आपूर्ति को लेकर संबंधित गांवों के उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है। आपूर्ति न मिलने की शिकायत उपभोक्ताओं ने कई बार उच्चाधिकारियों से की लेकिन लाइन का खराब तार, डिस्क, इंसुलेटर नहीं बदला जा रहा। इसके चलते उपभोक्ताओं को निर्धारित रोस्टर की दस फीसदी बिजली भी नहीं मिल पा रही है। चरमराई विद्युत आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को अंधेरे में तो रहना ही पड़ रहा है अन्य कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
चक्की में डंप है गेहूं और सरसों
पखवारे भर से चरमराई विद्युत आपूर्ति के चलते सबसे ज्यादा नुकसान आटा चक्की और सरसों पेराई करने वाले कोल्हू संचालकों का हो रहा है। व्यवसायिक बिल की अदायगी करने वाले इन उपभोक्ताओं के कल कारखानों में बड़े पैमाने पर पिसाई के लिए गेहूं और तेल पेराई के लिए सरसों डंप है। बिजली न मिलने से कारोबारियों का व्यवसाय तो प्रभावित हो ही रहा है लोगों के घरों में आटा तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में कुछ परिवार तो कई दिनों से चावल के सहारे पेट भरने को मजबूर हैं।
पेट्रोलिंग के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
सराय अकिल पावर हाउस के मंझनपुर फीडर की चरमराई विद्युत आपूर्ति का मामला जेई सौरभ मौर्य के संज्ञान में हैं। उपभोक्ताओं को समस्या से निजात दिलाने के लिए उन्होंने उपकेंद्र में तैनात सभी लाइनमैनों की टीम तीन दिन पहले लगाई थी। कई जगहों की ब्रस्ट हो चुकी डिस्क को बदलवाया लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है। आपूर्ति लगने के बाद यदि फॉल्ट नहीं हुआ तो कहीं न कहीं का जर्जर तार टूटकर लाइन को ब्रेकडाउन कर देता है। इसके चलते पावर हाउस के जेई भी खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं।
उपकेंद्र के मंझनपुर फीडर की लाइन सबसे बड़ी है। लाइन के तार तो जर्जर हैं ही डिस्क, इंसुलेटर भी बदले जाने लायक हैं। मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। जैसे ही सामान मिलेगा बदलवाते हुए समस्या दूर करा दी जाएगी।
सौरभ मौर्य, जेई
सरायअकिल विद्युत उपकेंद्र