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टीका लगने से 14 बच्चे बेहोश

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सिराथू/कड़ा (कौशाम्बी)। मिजेल्स रूबेला अभियान के तहत कराए जा रहे टीकाकरण अभियान में बड़ी अड़चनें पैदा हो रही हैं। सोमवार को सिराथू व कड़ा क्षेत्र के दो स्कूलों में टीका लगते ही 14 बच्चे बेसुध हो गए। हालांकि इलाज के कुछ ही देर बाद सभी की तबीयत सामान्य हो गई। सभी बच्चों को घर पहुंचा दिया गया। डॉक्टरों का दावा है कि बच्चे इंजेक्शन के खौफ से बेहोश होते हैं। दवा का कोई रिएक्शन नहीं है।
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इन दिनों जीरो से 15 साल तक के बच्चों को तमाम तरह की बीमारियों से बचाव के लिए मिजेल्स रूबेला का अभियान चल रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को टीका लगा रही हैं। सोमवार को सिराथू ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय तुलसीपुर में एनएनएम विमला चौरसिया ने 122 बच्चोें का टीकाकरण किया। इस दौरान टीका लगते ही अंशिका (7), मंजू (8), हिमांशी (10), शिवानी (7), चांदनी (8), घनश्याम (8), राज (9), रीतेश (9) और रेशमा (9) सुस्त पड़ने के साथ बेहोश हो गए। अपरान्ह दो बजे एकाएक नौ बच्चों के बेहोश होने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन घटना की सूचना सीएचसी सिराथू के अधीक्षक डॉ हेमंत सिंह बिसेन को दी गई। वे सभी बच्चों को एंबुलेंस से लेकर अस्पताल आए। इलाज के बाद 3.15 बजे तक सभी बच्चे पूरी तरह से सामान्य हो गए। अस्पताल से बच्चों को उनके घर भेज दिया गया।

हेडमास्टर फूल सिंह का कहना है कि स्कूल में कुल 130 बच्चे पंजीकृत हैं, जिससे से 122 बच्चाेें का टीकाकरण हुआ है। इसी तरह से कड़ा ब्लॉक के ख्वाजकीमई स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में पंजीकृत 187 के सापेक्ष सोमवार को 154 का टीकाकरण किया जा चुका था कि कक्षा सात में पढ़ने वाली शालिनी, बेला, प्रीती और आठवीं की छात्रा फौजिया व अमित को चक्कर आने की समस्या हो गई। एक बच्चे को उल्टी तक हुई। इसे लेकर स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन सीएचसी कड़ा के प्रभारी डॉ. नीरज सिंह अपनी टीम के साथ आ गए। प्राथमिक इलाज के बाद बच्चों की हालत समान्य है। वहीं सीएमओ का कहना है कि दवा का किसी तरह का कोई रिएक्शन नहीं है। इंजेक्शन लगाया जाता है। हालांकि सुई काफी छोटी व पलती होती है। बच्चे इंजेक्शन के नाम पर घबरा
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