प्रशासन की निगहबानी में बिरनेर में लगा यीशु दरबार
प्रार्थना सभा कर मनाया क्रिसमस डे, बांटीं खुशियां
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल।
इलाके के बिरनेर गांव में बुधवार को अनुयायियों ने प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाया। इस दौरान यीशु दरबार लगाकर यीशु के व्यक्तित्व की चर्चा की गई। सकुशल कार्यक्रम संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इधर कुछ दिनों से ईसाई धर्म के लोग जिले के विभिन्न गांवों में धार्मिक सभा कर रहे हैं। यह लोग क्रिसमस डे पर सरायअकिल के बिरनेर गांव में भव्य कार्यक्रम करना चाह रहे थे। इसकी भनक लगते ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिले में एक भी ईसाई परिवार नहीं है। इसके बावजूद ईसाई मिशनरियां सक्रिय होकर जिले के गरीबों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करने का षड्यंत्र कर रही हैं। लिहाजा, कार्यक्रम पर रोक लगाई जाए। विरोध के स्वर उठने पर मिशनरी से जुडे़ लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस पर अदालत ने प्रार्थना सभा कर क्रिसमस डे मनाने की इजाजत दे दी। इसी के तहत बुधवार को बिरनेर गांव मिशनरी से जुड़े संजय कुमार, इंद्रेश कुमार, सोनेलाल, लालजी आदि की अगुवाई में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। दरबार लगाकर यीशु के जीवन के बारे में चर्चा किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार, हीरालाल सरोज ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बिरनेर अवैश सिद्दीकी समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। माहौल को देखते हुए एसपी प्रदीप गुप्ता, एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, सीओ एसएस ग्रोवर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। सकुशल कार्यक्रम संपन्न होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
कुएं में गिरे सांड़ को पुलिस ने निकलवाया
फोटो-
नेवादा (ब्यूरो)। सरायअकिल के तिल्हापुर गांव में बुधवार को एक सांड़ सूखे कुएं में गिर गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद थाना पुलिस के साथ ही अगिभनशमन दल के जवान मौके पर पहुंच गए। घंटों मशक्कत कर ग्रामीणों की मदद से साड़ को सकुशल बाहर निकाला गया।
तिल्हापुर गांव में ब्रह्मचारी आश्रम की तरफ खेत में एक पुराना कुआं है। सूखे कुएं के इर्द-गिर्द झाड़ियां हैं। बुधवार को एक साड़ चरते-चरते अचानक कुएं में गिर गया। नजदीक में मवेशी चरा रहे एक ग्रामीण की नजर पड़ी तो उसने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर थाना पुलिस के साथ ही पश्विमशरीरा फायर स्टेशन के जवान भी पहुंच गए। अगिभनशमन दल के जवानों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से सांड़ को बाहर निकाला।