दहेज हत्या में पति, सास और ननद को कारावास
चार साल पहले चरवा थाने के चरई गांव में हुई थी घटना
पति को दस साल जबकि सास और ननद को सात-सात साल काटनी होगी जेल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
अपर सत्र न्यायाधीश-एफटीसी प्रथम दिनेश पाल यादव की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में पति, सास और ननद को दोषी पाया है। इस पर विद्वान न्यायाधीश ने पति को दस साल जबकि सास और ननद को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। घटना चार साल पहले चरवा थाने के चरई गांव में हुई थी।
अभियोजन के मुताबिक मंझनपुर कोतवाली के बचानी का पुरवा गांव निवासी हीरालाल ने अपनी बेटी की शादी चरवा थाने के चरई गांव निवासी राजेन्द्र पाल उर्फ मुन्ना के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति, सास दस्सी व ननद अनसुइया दहेज की मांग कर बेटी को प्रताड़ित किया करते थे। आरोप है कि 25 दिसंबर 2013 को उन लोगों ने बेटी की हत्या कर शव जला दिया। इस मामले में वादी ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में कोर्ट के सामने शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकीचंद्र ने वादी सहित आठ लोगों की गवाही कराई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की तरफ से भी दलीलें दी गईं। इस पर अदालत ने मामले में पति, सास और ननद को दोषी पाया। इस पर विद्वान न्यायाधीश ने पति को दस साल जबकि सास और ननद को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।