जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जीपी यादव की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 31,282 वादों का निस्तारण हुआ। साथ ही 4,40,82,617 रुपये का अवशेष शुल्क वसूला गया।
लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों ने आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का समाधान कराया। इससे पक्षकारों को त्वरित राहत मिली। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय में 20 वादों का निस्तारण कर 49 लाख रुपये प्रतिकर दिलाया गया, जबकि परिवार न्यायालय में 13 पारिवारिक मामलों का समाधान हुआ।
बैंकों से जुड़े 541 मामलों का निस्तारण कर 3.66 करोड़ रुपये की वसूली कराई गई। सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम न्यायालय में 739 वादों के जरिये 1,08,720 रुपये और द्वितीय न्यायालय में 803 वादों के माध्यम से 1,45,400 रुपये की वसूली हुई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 850 वादों का निस्तारण कर अर्थदंड भी वसूला गया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगाए गए और स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सिंह ने आयोजन की सफलता पर सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों का आभार जताया।
विभिन्न वादों में वसूली की राशि
न्यायालय/वाद का प्रकार
निस्तारित वाद वसूली अवार्ड राशि (रुपये में)
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण
20 वाद
49,00,000 प्रतिकर
अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम
03 वाद
1,500 अर्थदंड
अपर जनपद न्यायाधीश द्वितीय
01 वाद 100 अर्थदंड
अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ (बिजली अधिनियम) :
164 वाद
3,000 अर्थदंड
अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन/वस्त्र न्यायालय :
232 वाद
4,190 अर्थदंड
न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय
850 वाद :
3,640 अर्थदंड
सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम
739 वाद :
1,08,720 अर्थदंड
सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वितीय
803 वाद :
1,45,400 अर्थदंड
अपर सत्र न्यायालय
27,168 वाद :
18,43,314 जमा
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग
02 वाद :
2,50,259 जमा
स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं)
01 वाद : 1,50,000 अवार्ड
बैंकों से संबंधित मामले
541 वाद :
3,66,19,154 वसूली