मंझनपुर। वीआईपी मोबाइल फोन नंबर की चाहत में एक समाजसेवी को साइबर शातिरों ने तीन किश्त में करीब 30 हजार का चूना लगा दिया। महीने भर बाद न तो सिम मिला और न ही पैसा। इस पर युवक ने एसपी प्रदीप गुप्ता से शिकायत की है। एसपी ने साइबर सेल को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बताया जाता है कि शिशु मंदिर कॉलोनी में रहने वाले सारस्वत कुमार सामाजिक कार्यकर्ता हैं। करीब एक महीने पहले सारस्वत के फेसबुक आईडी पर एक विज्ञापन आया। विज्ञापन का लिंक खोलने पर पता चला कि उसमें वीआईपी फोन नंबर देने का ऑफर दिया गया है। पूरा लिंक खोलने के बाद सारस्वत के व्हाट्सएप नंबर पर कई नंबरों की सूची भेजी गई। इसके अलावा जिस नंबर से फोन पर मैसेज आया था उसी से कॉल आई। कॉल रिसीव करने पर कई नंबरों की लिस्ट व्हाट्सएप नंबर पर भेज दी गई। सारस्वत ने 9499999999 नंबर का चयन किया। इसके बाद उसे एक बैंक खाता नंबर भेजा गया। दो किश्त में खाते पर करीब 25 हजार और एक किश्त पेटीएम के जरिए ली गई। सारस्वत का कहना है कि अब फोन करने वाले कथित जीतेंद्र ने उसका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। दूसरे नंबर से फोन करने पर कॉल रिसीव तो होती है, लेकिन कुछ बताते ही फोन काट दिया जाता है। सारस्वत ने बुधवार को एसपी से शिकायत की है। एसपी ने जांच साइबर सेल को करके कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।