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ग्राम पंचायतों के खातों की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिग

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ग्राम पंचायतों के खातों की होगी ऑनलाइन निगरानी
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पीएफएमएस के जरिए ग्राम सभा के खाते में भेजा जाएगा बजट
तैयार कराए जा रहे ग्राम प्रधान व सचिवों के डिजिटल हस्ताक्षर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गांवों की तरक्की के लिए मिलने वाली रकम पर अब पहरा होगा। ऑनलाइन मानिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए ग्राम सभा के खाते में धनराशि भेजी जाएगी। इसके लिए ग्राम प्रधान और सचिवों के डिजिटल सिगनेचर तैयार कराए जा रहे हैं।
गांवों के विकास के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की तरफ से सालाना लाखों की रकम अवमुक्त की जाती है। तमाम गांवों में विकास का यह पैसा बंदरबाट कर लिया जाता है। बताया जाता है कि ग्राम प्रधान और सचिव की साठगांठ से लाखों का गोलमाल होने से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के खाते में धनराशि हस्तांतरण की व्यवस्था इतनी जटिल है कि बजट पाने के लिए ग्राम प्रधानों को लगातार ब्लॉक व डीपीआरओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। खाते में धन जल्दी पहुंचे इसके लिए प्रधानों को एडवांस में कमीशन देना पड़ता है। अब सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है। इस बार ग्राम पंचायतों से अगले वर्ष की वार्षिक कार्य योजना पाते ही बजट मांग लिया गया है। ग्राम पंचायतों का बजट ऑनलाइन सिस्टम से भेजने की तैयारी चल रही है। इसके लिए पीएफ एमएस का इस्तेमाल किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने पर ग्राम प्रधान और सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर से ही धन का आहरण हो सकेगा। इसके जरिए खाते में धन कब और किस तारीख को ट्रांसफर हुआ, किस बैंक के जरिए रकम निकाली गई। यह सब अपडेट होता रहेगा।
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इंसेट
इन कंपनियों के हस्ताक्षर होंगे मान्य
ग्राम प्रधान और सचिवों के डिजिटल हस्ताक्षर के लिए शासन ने कुछ कंपनियों को नामित किया है। इनमें सेफस्क्रिप्ट, आईडीबीआरबीटी, कोड साल्यूशनल, ई-मुद्रा, सीडीएसी, कैपीकार्न, एनएसडीएल ईगांव, इंडियन एयरफोर्स, वेरासिस कंपनी शामिल है।
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वर्जन
अगले वित्तीय वर्ष से पीएमएफएस के जरिए ही ग्राम सभाओं के खाते में विकास का पैसा भेजा जाएगा। इसके लिए ग्राम प्रधानों/सचिवों के हस्ताक्षर डिजिटल कराए जा रहे हैं। इस व्यवस्था के लागू होने पर विकास कार्यों में और अधिक पारदर्शिता आएगी।
गोपाल जी ओझा-डीपीआरओ
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