कस्बे के लोधन का पूरा स्थित करीब 30 घरों की बस्ती आज भी अंधेरे में डूबी हुई है। सरकार की ओर से चलाई गई सौभाग्य योजना का मकसद हर घर तक बिजली पहुंचाना था, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यहां का विद्युतीकरण अब तक नहीं हो सका। आजादी के 79वें साल बाद भी यहां बच्चे मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं।
नगर पंचायत पूरब-पश्चिमशरीरा को शासन ने 31 दिसंबर 2019 को नगर पंचायत घोषित किया था, इसमें 15 वार्ड बनाए गए। गांव से नगर पंचायत बनने के बाद लोगों को शहरी सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। इसी बीच देशभर में आजादी का 79वां अमृत महोत्सव मनाया गया, लेकिन नगर पंचायत के वार्ड नंबर 15 अवंती बाई नगर लोधन का पूरा के 30 परिवार अब भी सौर ऊर्जा और मोमबत्ती के सहारे ही रातें गुजार रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। बेचन प्रसाद, रवींद्र लोधी और रामचरण ने बताया कि रात होते ही बस्ती में जंगली जानवरों और चोरों का डर बना रहता है।
सांसद और विधायक के गांव से महज 500 मीटर दूरी
यह बस्ती सांसद पुष्पेंद्र सरोज और मंझनपुर विधायक व पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के गांव नगरेहा खुर्द से महज 500 मीटर दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने मोहल्ले में उजियारा करने की जहमत नहीं उठाई।
बोले लोग
मोहल्ले में बिजली न होने से शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। जंगली जानवर और चोरों का डर बना रहता है। - मंगल लोधी
- बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। सौर ऊर्जा और मोमबत्ती के सहारे ही पढ़ाई करनी पड़ती है।- भूख्खल सिंह
मोहल्ले का विद्युतीकरण किन कारणों से नही हो सका, उसकी जानकारी ली जाएगी। साथ ही सर्वे कराकर ग्रामीणों के घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। - रामकुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता विद्युत
मंगल लोधी
मंगल लोधी