मंझनपुर। बोर्ड परीक्षा में प्रशासनिक सख्ती के कारण शनिवार को नकल माफियाओं की घिग्घी बंधी रही। प्रत्येक केंद्र पर अफसरों की फौज डटी रही। डीएम के साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडी, जेडी और डीडी आदि अफसरों ने कई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं पकड़ी जा सकी। पर, अफसरों की मुस्तैदी से नकल माफियाओं का खेल जरूर बिगड़ गया। इसे लेकर माफियाओं में खलबली है।
नकलमंडी के नाम से बदनाम दोआबा के शिक्षा माफियाओं पर नकेल डालने के लिए इस बार डीएम मनीष कुमार वर्मा ने खास तैयारी कर रखी है। जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ ही सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। शनिवार को प्रथम पाली में गणित की परीक्षा में सभी ने पूरी मुस्तैदी से नकल पर नकेल लगाई। सुबह घने कोहरे के बीच अफसरों की टीम मोबाइल रहकर केंद्रों का निरीक्षण करती रही। डीएम खुद विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर शिक्षा निदेशक रंजना गोयल, संयुक्त शिक्षा निदेशक माया निरंजन तथा डिप्टी डायरेक्टर अर्थ आदि अफसरों ने भी अलग-अलग दौरा कर सिराथू और अजुहा क्षेत्र के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अफसरों ने केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली।
पर, कहीं कोई गड़बड़ी नहीं पकड़ी जा सकी। डीआईओएस एसके सिंह ने बताया कि शनिवार को हाईस्कूल गणित के पंजीकृत 17666 के सापेक्ष 14772 छात्र-छात्राओं ने ही इम्तिहान दिया। प्रशसनिक सख्ती के कारण 2944 परीक्षार्थियों ने मैदान छोड़ दिया। जबकि इंटरमीडिएट व्यापारिक संगठन की परीक्षा में पंजीकृत 29 के सापेक्ष 26 छात्र ही परीक्षा में शामिल हुए। दूसरी तरफ प्रशासन की मुस्तैदी से माफियाओं का खेल बिगड़ गया है। अफसरों की धमाचौकड़ी के कारण नकल का कोई मौका नहीं मिलने से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।