चरागाह की ‘गुम’ हो चुकी भूमि पर बनेंगी गोशालाएं
मनरेगा योजना के तहत 20 गांवों में शुरू हुआ काम
अन्ना मवेशियों की समस्या से मिलेगी निजात
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सबकुछ ठीकठाक रहा और प्रशासन की योजना सफल हुई तो अन्ना मवेशियों से परेशान किसानों की समस्या का जल्द ही समाधान हो जाएगा। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने इस पर काम प्रारंभ कर दिया है। गांवों में विलुप्त हो चुकी चरागाह की भूमि को चिह्नित कर मनरेगा योजना से गोशाला बनवाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल 46 लाख रुपये के खर्च से 20 गांवों में काम भी शुरू करा दिया गया है।
प्रदेश की योगी सरकार की ओर से गोतस्करी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से अन्ना मवेशी एक बड़ी समस्या बनकर उभरे हैं। दूध नहीं देने वाले गोवंश को अधिकतर लोग खुला छोड़ दे रहे हैं। ये अन्ना मवेशी खेतों में खड़ी फसलें रातोंरात चट कर दे रहे हैं। इसके चलते किसान परेशान हैं। जाड़े की सर्द रातों में किसान खेतों में जागकर फसल की हिफाजत करने को मजबूर हो रहे हैं। कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनते जा रहे अन्ना मवेशियों के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नायाब तरीका खोजा है। डीएम ने गांवों में गुम हो चुकी चरागाह की भूमि खोजवाना प्रारंभ कर दिया है। इस भूमि पर मनरेगा योजना के तहत चरागाह का सौंदर्यीकरण अन्ना मवेशियों के ठहराव के लिए गोशाला बनाया जाएगा। डीएम के निर्देश पर सीडीओ इंद्रसेन सिंह ने 46.71 लाख की लागत से 20 गांवों में काम प्रारंभ करा दिया है। इनकी देखरेज के लिए 20 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई है।
गोशाले के विकास को बनेगी समिति
चरागाह की भूमि पर प्रथम चरण में चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बाद अंदर टिन शेड, चरही, के साथ ही मवेशियों को पानी मुहैया कराने के लिए मिनी सबमर्सिबल की बोरिंग कराई जाएगी। इन सब कार्यों के लिए स्थानीय लोगों की एक समिति बनवाई जाएगी। समिति के सदस्य गोशाले की देखरेख व उस पर होने वाले खर्चे का वहन करेंगे। सीडीओ इंद्रसेन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर क्षेत्रीय विधायकों से भी मदद ली जाएगी। इसके बाद अन्ना मवेशियों को इन्हीं गोशालों में रखा जाएगा।
इन गांवों में शुरू हुआ काम
कड़ा ब्लॉक-त्रिलोकपुर, लोंहदा
कौशाम्बी ब्लॉक-गौहानी, गौहानी पूर्वी भाग,बकोढ़ा।
मंझनपुर ब्लज्ञॅक-कुआडीह, जजौली, बरौलहा।
नेवादा ब्लॉक-बैर आमद करारी, खपरा खंदेउरा, मखऊपुर, रसूलपुर टप्पा, सराय यूसुफ, नूरपुर हाजीपुर।
सिराथू ब्लॉक-नगियामई, विदनपुर।
सरसवां ब्लॉक-जमुनापुर
चायल ब्लॉक-हरदुआ
मूरतगंज ब्लॉक- बलियावां देह, भीखमपुर।
इनका कहना है
पहले चरण में चरागाह की भूमि तलाशी जा रही है। जहां पर चरागाह की भूमि नहीं होगी वहां ग्राम समाज की जमीन चिंहित कर गोशालाएं बनवाई जाएंगी। गांव-गांव गोशाला बनने पर अन्ना मवेशियों की समस्या से निजात मिल जाएगी। फिलहाल मनरेगा योजना से 20 गांवों में चरागाहों को गोशाला के रूप में विकसित कराया जा रहा है।