डकैतों को उम्रकैद, शोहदे को आठ साल की जेल
-जिला सत्र एवं न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
-पइंसा में हत्या व करारी में डकैतों ने की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर (कौशाम्बी)। जिला सत्र एवं न्यायाधीश ने सोमवार को तीन मामलों में फैसला सुनाया। पइंसा में हुई हत्या व करारी में डकैतों द्वारा की गई हत्या के मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही शोहदे की हरकत से तंग युवती के आत्महत्या करने के मामले में आरोपी को आठ साल कारावास की सजा सुनाई। पइंसा में चोरी की घटना के बाद अभियुक्तों ने नाम प्रकाश में आने के बाद वर्ष 2012 में गृहस्वामी की हत्या कर दी थी। करारी में वर्ष 2003 में डकैतों के आने पर गृहस्वामी का भाई घर से बाहर निकला तो उसको मौत के घाट उतार दिया गया था।
महिला की हत्या करने वाले चोरों को उम्रकैद
मंझनपुर (ब्यूरो)। पइंसा थाना क्षेत्र के हिसामपुर मजरा जगन्नाथपुर निवासी लखन लाल यादव के यहां चोरी की घटना हुई थी। लखन लाल यादव ने पइंसा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना के दौरान गांव के ही हामिद अली, अमरनाथ विद्वान गोस्वामी को आरोपी बनाया था। इसकी जानकारी होने पर आरोपी लखनलाल से रंजिश रखने लगे थे। सात दिसंबर वर्ष 2012 को आरोपियों ने लखन की पत्नी मालती देवी को गांव के बाहर तमंचे से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। लखन की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने उभय पक्षों को सुना। शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। आरोप साबित होने पर आरोपियों को जिला जज ने उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
---------------------
डकैतों को आजीवन कारावास, दस-दस हजार जुर्माना
मंझनपुर (ब्यूरो)। करारी थाना क्षेत्र के हकीमपुर निवासी धर्मपाल के घर में चार जनवरी वर्ष 2003 में डकैतों ने धावा बोला था। धर्मपाल घर के बाहर सो रहा था। डकैतों के आने पर धर्मपाल ने आवाज दी तो उसका भाई बिरजू घर से बाहर निकला। इस पर डकैतों ने उसको गोली मार दी थी। इससे उसकी मौत हो गई थी। धर्मपाल की तहरीर पर करारी थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकरण की विवेचना की। इस दौरान हकीमपुर के भुग्गन पासी, फौव्वारी पासी, बड़कू और फरीदनपुर के अर्जुन को आरोपी बनाया गया। आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने उभय पक्षों को सुना। शासकीय अधिवक्ता ने वादी समेत आठ गवाहों को परीक्षित कराया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ तो न्यायालय ने चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
------------------------
शोहदे को आठ साल की कैद
मंझनपुर (ब्यूरो)। पिपरी थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 25 दिसंबर वर्ष 2005 को शोहदे की अश्लील हरकत से तंग आकर एक युवती ने छत से कूदकर जान देने की कोशिश की थी। छत से कूदने के कारण युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इलाज के दौरान उसने पुलिस और मजिस्ट्रेट को बयान दिया था कि आरोपी उसको कई दिन से परेशान करता था। सरेराह भी छेड़खानी करता था। युवती परिजनों को इसकी बराबर जानकारी दे रही थी। मगर वे लोग लोकलाज के भय से खामोश थे। इलाज के दूसरे दिन युवती की मौत हो गई थी। मामले में युवती के पिता ने पिपरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को आठ साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।