2017 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीनों विधानसभा सीट से निर्दलीय समेत कुल 41 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी। लेकिन इनमें आधे से ज्यादा उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले थे। चुनाव में तीनों सीटों पर 6107 वोटरों ने नोटा का बटन दबाया था। इनमें सर्वाधिक 3949 मतदाता मंझनपुर विधानसभा के थे। वहीं, चुनावी समर में उतरे 22 उम्मीदवारों को इससे कम मत मिले थे।
निर्वाचन आयोग द्वारा व्यवस्था की गई है कि अगर कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आ रहा तो ईवीएम मशीन में नोटा बटन दबा सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कौशाम्बी जिले की तीनों विधानसभाओं में मतदाताओं ने इस बटन का जमकर इस्तेमाल किया। मंझनपुर विधानसभा में 3,949 मतदाताओं ने नोटा बटन दबाया था। यहां से चुनावी समर में उतरे छह उम्मीदवारों ने तीन प्रत्याशी ऐसे थे जिन्हें नोटा से भी कम वोट हासिल हुए थे।
चायल विधानसभा में किस्मत आजमाने वाले 19 प्रत्याशियों में नौ को नोटा से कम वोट मिले थे। यहां 1352 वोटरों ने नोटा का बदन दबाकर चुनाव में खड़े सभी प्रत्याशियों को नापसंद कर दिया था। सिराथू विधानसभा में 1806 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। यह संख्या यहां से चुनाव लड़ रहे दस प्रत्याशियों को मिले वोटों से अधिक थी।
पोस्टल बैलेट से भी चुना नोटा
2017 के चुनाव में सदर विधानसभा के 3,65,336 मतदाताओं में से 2,02,003 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इनमें से 1352 मतदाताओं ने सभी प्रत्याशियों को नापसंद करते हुए नोटा का विकल्प चुना था। इनमें से नोटा के पक्ष में दो वोट पोस्टल बैलेट के माध्यम से भी आए थे।