सरायअकिल इलाके में तेंदुआ की दस्तक से दहशत
बंथरी गांव में रामबहोरी की मवेशी पर हमला कर खाया
दिन ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हुए ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल। इलाके में इन दिनों तेंदुआ का खौफ ग्रामीणों के सिर चढ़कर बोल रहा है। करीब हफ्ते भर से रोजाना तेंदुआ किसी न किसी गांव में देखा जा रहा है। शनिवार को बंथरी गांव रामबहोरी में एक मवेशी पर हमलाकर तेंदुआ ने अपना निवाला बना लिया। अनहोनी की आशंका से लोग परेशान हैं। सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है।
दरअसल अन्ना मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए इलाके के किसान रात में भी खेत की निगरानी करते हैं, लेकिन तेंदुए की चहलकदमी से अब किसानों की खेतों में जाने की हिम्मत नहीं पड़ रही है। दिन ढलते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं। यहां तक कि लोग बच्चों को स्कूल भेजने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हफ्ते भर से खड़ी समस्या को लेकर वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इससे अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता है। बताया जाता है कि पिछले हफ्ते तेंदुआ सरीखे एक जंगली जानवर ने अंसारगंज मोहल्ले में एक मवेशी को अपना निवाला बना चुका है। बचाव के लिए आगे बढ़े मवेशी मालिक पर भी हमला कर जख्मी कर दिया था। शोरगुल और लाठी-डंडा लेकर दौड़ाने पर वह जंगल की तरफ भाग गया। 29 जनवरी को सरायअकिल के मुलायमपुर व जुगराजपुर गांव के मध्य सरसों के खेत मे तेंदुआ देखने का दावा किया गया था। ग्रामीणों ने घेर लिया था। मौकेपर 100 डायल भी पहुंची। लेकिन तेंदुआ मौका पाकर यमुना की तरफ भाग गया। कनैली गांव के बाहर किलनहाई नदी के पास अश्वनी कुमार त्रिपाठी का नलकूप है। 27 जनवरी को खेत की तरफ गए बालक मौर्या ने देखा कि तेंदुआ नलकूप के पास बैठा है। फोन से गांव में सूचना दिया। ग्रामीणों ने दौड़ाया तो तेंदुआ नदी की तरफ भाग निकला। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी ओपी अंबष्ट ने तेंदुए के दस्तक देने की जानकारी से इंकार कर रहे हैं। इनका कहना है तेंदुआ का दिखना गंभीर बात है। यदि ऐसा है कि जल्द ही उसकी तलाश कराई जाएगी।
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