कड़ा। लगातार हो रही बारिश कुछ ग्रामीणों के लिए आफत बनती जा रही है। तालाब और नाला-नालियों में अतिक्रमण के कारण कमालपुर गांव में भारी जलभराव हो गया है। टापू में तब्दील कमालपुर के साथ ही आसपास के कई गांवों में दर्जन भर ग्रामीणों के कच्चे घर-दीवार ढह गए। इसके मलबे में दबने से लोगों की गृहस्थी नष्ट हो गई है। बारिश से बेघर हुए लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
कमालपुर गांव के तालाबों पर दबंगों ने अतिक्रमण कर अवैध कब्जा कर लिया है। नाले-नालियां गंदगी से पटकर चाेंक हैं। इससे जलनिकासी अवरुद्ध हो गई है। लगातार हो रही बारिश का पानी उल्टा बस्ती में घुस रहा है। चारों तरफ के रास्तों में जलभराव होने से ग्रामीण फजीहत में हैं। बस्ती में जलभराव की वजह से 24 घंटे के भीतर बकस सरोज, अमर सिंह, दूखी, श्रीनाथ साहू का कच्चा घर गिर गया। रामचंद्र साहू, लवकुश सरोज, अर्जुन जगदीश, दुलारे, भगन्ति, चौबे सरोज, मनोज सरोज, इंद्रजीत, कुलजीत, श्यामलाल, संतलाल, गनेशी, सुरेस, विमल, पुष्पराज साहू, गोरे साहू, भोला सरोज, छेद्दू, मेद्दु, चंद्रपाल, तुलसी साहू, देवनाथ, मेवालाल समेत करीब तीन दर्जन घरों में पानी घुस गया है। लोग रतजगा करने को मजबूर हो रहे हैं। इसी तरह नासिरपुर फरीदगंज निवासी राधेश्याम मेहता, ज्ञानबाबू मौर्या, जगन्ती देवी, सीमा यादव, लवकुश गुप्ता, छेदीलाल मौर्या, शिवकुमार सोनी, बसंती देवी, छोटेलाल तथा अमरनाथ समेत दस लोगों के घर ढह गए।