मंझनपुर (कौशाम्बी)। लड़की भगाने के आरोपी की तलाश में जुटी करारी पुलिस पश्चिमशरीरा क्षेत्र के एक दलित शिक्षक को अंडरवियर में कोतवाली तक ले गई। आरोप है कि इस दौरान उनका कॉलर खींच कर जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। घटना की जानकारी होने से गुस्साए शिक्षकों ने गुरुवार को एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। कप्तान को तहरीर देकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परसिया निवासी लालमणि पुत्र जगरूप कोरी सरसवां ब्लॉक के लोधौर प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम करारी पुलिस उनके घर पहुंची। लड़की को भगा ले जाने की 20 दिन पुरानी एक घटना में पूछताछ करने के नाम पर दरोगा-सिपाही शर्टे का कॉलर पकड़कर घसीटते हुए घर से जीप तक ले गए। शिक्षक के मुताबिक उन्हें पूरे कपड़े तक नहीं पहनने दिये। अंडरवियर में पुलिस वाले कोतवाली ले गए। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
कोतवाली में करीब दो घंटे तक प्रताड़ित करने के बाद घर जाने दिया गया। पीड़ित शिक्षक ने गुरुवार को पुलिसिया दादागीरी की जानकारी साथियों को दी तो वे आक्रोशित हो गए। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। तहरीर देकर आरोपी दरोगा-सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग की। चेताया कि रिपोर्ट नहीं लिखे जाने पर बेमियादी आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष रामबाबू दिवाकर, दशरथलाल, रामनरेश, रामखेलावन, अनिल कुमार, राजीव निर्मल, रामनरेश, विशाल आदि मौजूद रहे। वहीं एसपी प्रदीप कुमार का कहना है कि इस संबंध में कुछ लोग शिकायत करने आए थे, जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
करीब 20 दिन पहले क्षेत्र की एक लड़की पड़ोसी के साथ भाग गई है। आरोपी युवक के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली गई तो उसमें आईडी शिक्षक की लगी थी। इसलिए पूछताछ के लिए उन्हें कोतवाली लाया गया था। शिक्षक को पूरे सम्मान के साथ लाया और भेजा गया। बदसलूकी किए जाने के आरोप निराधार हैं।
अर्जुन सिंह-इंस्पेक्टर, करारी