पुलिस ने विवेचना के बाद धन्ना, वीरेंद्र व संतोष के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा अपर जिला जज सप्तम नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने छह लोगों की गवाही करवाई। मामले में अदालत ने सोमवार को धन्ना, संतोष व वीरेंद्र को दोषी करार देते हुए 20-20 साल की कैद की सजी सुनाई। तीनों को एक लाख 14 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का भी आदेश दिया। अर्थदंड जमा नहीं होने पर आरोपियों को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।