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हैंडबिलिंग के फेर में फंसे दस हजार उपभोक्ता

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हैंडबिलिंग के फेर में फंसे दस हजार उपभोक्ता
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बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी से अदायगी में संकट
कैंप में बिल संशोधन के साथ हो रहा खिलवाड़
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिले की नगर पंचायतों में हैंडबिलिंग शुरू होने के बाद उपभोक्ता फंसते जा रहे हैं। बिल निकालने वाले कर्मचारियों के फेर में फंसे उपभोक्ताओं की यह समस्या दिनाेंदिन बढ़ती जा रही है। हद तो तब हो रही है जब बिल संशोधन कैंप में पहुंचने के बाद उपभोक्ताओं का बिल संशोधित नहीं किया जाता। यदि संशोधित किया भी गया तो वह अगले माह कम नहीं होता। हाथ में बिल जमा की रसीद लेकर विद्युत उपभोक्ता बढ़े बिल को ठीक कराने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
मुख्यालय मंझनपुर सहित करारी, सरायअकिल, भरवारी आदि नगर पंचायतों में घर-घर मीटर लगाए जाने के बाद हैंडबिलिंग शुरू हो गई है। इसका ठेका एक संस्था को देते हुए विभाग बिल निकलवा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि हैंडबिलिंग शुरू होने के बाद उनके बिलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। आठ सौ रुपये आने वाला बिल एकाएक 10 से 12 हजार रुपये पहुंच जा रह है। सबसे अधिक समस्या नगर पंचायत करारी में देखने को मिल रही है। यहां के उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके द्वारा लगातार बिल की अदायगी विभाग में की जा रही है। चार से छह महीने के बीच अदायगी न कर पाने पर उनका बिल 20 हजार के ऊपर पहुंच गया है। बानगी के तौर पर करारी कस्बे के नफीस फात्मा वार्ड गड़ही पर व आशा हसन नया नगर को को लिया जा सकता है। इनका आरोप है कि लगातार बिल जमा करने के बाद भी 20 से 25 हजार रुपये का बकाया निकल रहा है। बिल ठीक कराने के लिए वह लगातार उपकेंद्र में लगने वाले बिल संशोधन कैंप में शिकायत कर रहे हैं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बहरहाल जिले में बिजली विभाग के उपभोक्ता इन दिनों हैंडबिलिंग के फेर में बुरी तरह फेंसे हुए हैं। बिल संशोधन के लिए कैंप का आयोजन भले ही किया जा रहा है पर समस्या का निदान नहीं हो रहा है। ऐसे में बढ़े बिल को लेकर नगर पंचायतों के उपभोक्ता हैरान परेशान हैं।
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इनसेट
बिल ठीक कराने के नाम पर की जाती है सेटिंग
नगर पंचायतों में उपभोक्ताओं के घरों से बिल निकाले जाने का विभाग ने एक निजी संस्था को ठेका दे रखा है। संस्था ने इसके लिए जिले के अलावा बाहर के लोगों को काम पर लगा रखा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बढ़े बिल को ठीक कराने के लिए बिलिंग कर्मचारी उनसे मोटी रकम में सौदा करते हैं। नफीस फात्मा ने बताया कि उनसे बिलिंग कर्मचारी ने 20 हजार रुपया बिल ठीक कराने के लिए लिया पर संशोधन नहीं हुआ। जब उससे पैसा वापस मांगा गया तो 69 हजार का बिल उसने 19 हजार रुपए कराकर दिया। ऐसा ही आरोप नया नगर मोहल्ले के आशा हसन का है। बहरहाल कुछ भी हो हैंडबिलिंग के नाम पर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी उपभोक्ताओं को खुलेआम लूट रहे हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
हैंडबिलिंग का काम कर रही संस्था के जिम्मेदार को साफ-सुथरा काम करने की हिदायत दी गई है। अधिक बिल की शिकायत तो मिल रही है पर पैसा मांगने की बात उपभोक्ताओं ने नहीं बताया। ऐसा है तो जांच कराकर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन
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