मंझनपुर। दो बच्चों के जन्म में कम अंतराल के कारण ही बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। यह बातें जिलाधिकारी राजमणि यादव ने शनिवार को मुअज्जमपुर गांव में आयोजित तीन दिवसीय स्नेह शिविर में कही।
इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस दौरान 182 बच्चे कुपोषित और 17 बच्चे अति कुपोषित हैं। डीएम ने परिजनों से बातचीत की और कुपोषण के कारण की जानकारी ली। साथ ही मातहतों को 22 दिसंबर तक ग्रामीणों को हर संभव सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी के गोद लिए गांव मुअज्जमपुर में शनिवार को जिला प्रशासन और दोआबा विकास एवं उत्थान समिति के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय स्नेह शिविर आयोजित किया गया।
इस दौरान तियरा जमालपुर, महेन्द्र और मुअज्जमपुर गांव के बच्चों का वजन और स्वास्थ्य की जांच कराई गई। डीपीओ राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि इसमें 182 बच्चे कुपोषित और 17 अति कुपोषित मिले हैं। उन्होंने ग्रामीणों को फल-सब्जियों के इस्तेमाल करने, जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाने, छह महीने तक नियमित स्तनपान कराने, घरों को साफ-सुथरा रखने और व्यवहार परिवर्तन की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। जिलाधिकारी राजमणि यादव ने कुपोषित बच्चों के माता-पिता बातचीत की और कुपोषण के कारण की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि बच्चों के जन्म के समय में कम अंतर और अधिक जनसंख्या के कारण कुपोषण का शिकार बच्चे हो रहे हैं।
डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को 4 से 12 बच्चे वाले परिवारों को नजर रखने का निर्देश दिया है। इस दौरान ग्रामीणों को जनसंख्या नहीं बढ़ाने की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही दो से अधिक बच्चे नहीं पैदा करने का आह्वान किया गया। इस दौरान डीएम चौपाल लगाकर समस्याएं भी सुनी।
उन्होंने प्राथमिक स्कूल का स्थलीय निरीक्षण भी किया। मध्याह्न भोजन, पेयजल और पठन-पाठन की हकीकत जायजा लिया। डीएम ने मातहतों को 22 दिसंबर तक गांव में हर जरूरी सुविधाओं को मुहैया कराने का निर्देश दिया है। इस मौके पर सीडीओ बीएन मिश्र, एडीएम रामसूरत पांडेय, सीएमओ आरके मिश्रा, बीएसए एके सिंह, डीपीआरओ आरके भारती, पीडी आरसी पांडेय, डीडीओ महेन्द्र तिवारी,वीओपी के सचिव परवेज रिजवी, रेहान अहमद आदि मौजूद रहे।