यूपी बोर्ड: 45396 परीक्षार्थियों पर नजर रखेंगे 2348 कक्ष निरीक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सात फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षा के लिए सभी केंद्रों को वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों से लैस कर दिया गया है। 19 केंद्रों को अति संवेदनशील/संवेदनशील घोषित करते हुए इन पर अतिरिक्त फोर्स तैनात किया गया है। केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों पर नजर रखने के लिए करीब 2348 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने में करीब 72 घंटे हैं। जिले में 78 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में हाईस्कूल के तकरीबन 25,325 जबकि इंटर के लगभग 20,061 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। परीक्षा कराने की जिम्मेदारी 2348 कक्ष निरीक्षकों को सौंपी गई है। शासन के निर्देश पर सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार समेत सभी परीक्षा कक्षों में दोनों तरफ वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। विभाग का दावा है कि परीक्षा केंद्रों अन्य सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उधर जिला प्रशासन द्वारा भी परीक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले को 16 सेक्टर व चार जोन में बाटकर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई है। स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा केंद्रों पर अपनी निगरानी में प्रशभन पत्र खुलवाने और परीक्षा समाप्त होने पर कॉपियां सील कराके सुरक्षा व्यवस्था के बीच संकलन केंद्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक नजर
कुल परीक्षा केंद्र-78
संवेदनशील केंद्र-06
अति संवेदनशील केंद्र-13
कक्ष निरीक्षक-2348
हाईस्कूल के परीक्षार्थी-25,325
इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी-20061
सेक्टर मजिस्ट्रेट-16
जोनल मजिस्ट्रेट-04
स्टेटिक मजिस्ट्रेट-78
सचल दल-04
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ड्यूटी में फेरबदल संभव नहीं
अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकाें की तैनाती के लिए डीआईओएस कार्यालय ने सवित्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से शिक्षकों की सूची मांगी थी। सूची के आधार पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों तैनाती कर दी गई, लेकिन तीन दिन शेष रहने के बावजूद अभी तक संबंधित विद्यालयों ने अपने यहां से शिक्षकों को रिलीव नहीं किया है। कॉलेज प्रधानाचार्यों/केंद्र व्यवस्थापकों का कहना है कि जिन शिक्षकों को अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया है उन्हीं के बूते वह अपने विद्यालय में परीक्षा कराते हैं। मामले में डीआईओएस का कहना है कि सूची में प्रधानाचार्यों ने इसकी जानकारी नहीं दी थी। इसलिए अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया है। परीक्षा प्रारंभ होने में अब समय काफी कम बचा है। इसलिए ड्यूटी में किसी तरह का कोई फेरबदल किया जाना संभव नहीं होगा।
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