यूपी बोर्ड: 15 किमी दूर भेज दिया छात्राओं का सेंटर
-मानक को दरकिनार कर बनाए गए परीक्षा केंद्र, होगी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए बने केंद्रों तरह-तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। अंतिम सूची में शामिल परीक्षा केंद्रों में मानक को दरकिनार किया गया है। यही वजह रही कि कई कॉलेज की छात्राओं का परीक्षा केंद्र 12 से 15 किमी दूर बना दिया गया। इसके चलते छात्राओं को परीक्षा देने जाने में परेशानी होगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा 2019 के लिए 18 दिसंबर को केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी है। परिषद की ओर से जारी सूची में परत दर परत गड़बड़ी सामने आ रही है। बात केंद्रों के बीच दूरी की करें तो इसमें भी मानक को दरकिनार किया गया है। शासकीय नियमानुसार छात्राओं की परीक्षा के लिए निकटस्थ विद्यालय को केंद्र बनाना चाहिए। पर धनपत्ति देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय त्रिलोकपुर, कमला देवी इंटर कॉलेज भौतर और विमला देवी हायर सेकेंडरी स्कूल भटपुरवा, कनवार समेत आधा दर्जन से अधिक विद्यालय की छात्राओं के साथ ठीक इसके विपरीत किया गया। परिषद की ओर से जारी सूची में धनपत्ति देवी के हाईस्कूल की छात्राओं का परीक्षा केंद्र 15 किमी दूर गयादीन साहू इंटर कॉलेज बारातफारीक बनाया गया है। इसी तरह से विमला देवी की छात्राओं का परीक्षा केंद्र 14 किमी दूर शिव कुमारी देवी इंटर कॉलेज शाखा को बना दिया गया। यही हाल कमला देवी इंटर कॉलेज का है। यहां की छात्राओं का सेंटर 12 किमी दूर शिवकुमारी देवी शाखा भेज दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो कई अन्य विद्यालयों के भी साथ ऐसा ही हुआ है। ऐसे में परीक्षा के दौरान छात्राओं को केंद्र की दूरी तय करने में परेशानियां उठानी पड़ेंगी।
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टॉपर देने वाले स्कूलों के साथ हेराफेरी
जिले को सर्वाधित टॉपर देने वाले धर्मा देवी इंटर कॉलेज केन कनवार एवं जय मां दुर्गे इंटर कॉलेज अमिरतापुर के परीक्षा केद्रंों में भी हेराफेरी की गई। धर्मा देवी इंका के हाईस्कूल छात्रों का पहले शहीद चंद्रशेषर लोहदा अैर इंटर का परीक्षा केंद्र हनुमान इंका अजुहा को बनाया गया था। अंतिम सूची में दोनों का सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज अजुहा बना दिया गया। इसी तरह से जय मां दुर्गे इंका के सभी छात्रों का हनुमान इंटर कॉलेज अजुहा की जगह संशोधित कर हाजी अब्दुल खालिक इंका परास भेज दिया गया।
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इनका कहना है
मानक को ध्यान में रखते हुए ही केंद्रों का निर्धारण किया गया है। कुछ स्थानों पर करीबी स्कूलों की धारण क्षमता कम होने की वजह से केंद्र की दूरी में अंतर आ गया है।
एसके सिंह-डीआईओएस