मंझनपुर। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही दारानगर-कड़ा धाम को नगर पंचायत का दर्जा मिल जाएगा। इसके विरोध में दाखिल चारों आपत्तियां खारिज कर दी गई हैं। अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। उम्मीद है कि अगली बैठक में शासन की हरी झंडी मिल जाएगी।
सिराथू तहसील के कड़ा और दारानगर का इतिहास है। गंगा तट पर बसे कड़ा में ही 51 शक्तिपीठों में शामिल मां शीतला का सिद्ध मंदिर, कालेश्वर महादेव का देवालय, कालभैरव मंदिर, राजा जयचंद का किला, सूफी संत मलूकदास का आश्रम, ख्वाजा कड़क शाह की मजार समेत तमाम ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल हैं। जहां देश-प्रदेश से के हजारों लोगों का आवागमन बना रहता है। इसी तरह से पड़ोसी गांव दारानगर का भी व्यावसायिक महत्व रहा है। इतिहास को देखते हुए शासन ने दारानगर-कड़ा धाम को जोड़ते हुए 28 दिसंबर 2017 को नई नगर पंचायत गठित करने की अधिसूचना जारी की थी। इसी के साथ ही शासन ने आपत्तियां भी मांगी थी।
निर्धारित समयावधि के भीतर चार लोगों ने आपत्तियां दाखिल की। आपत्तियां निस्तारित कर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने आख्या शासन को भेज दी। जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई आख्या पर 15 अक्तूबर को मुहर लगा दी गई है। इस बाबत प्रमुख सचिव नगर विकास अनुभाग मनोज कुमार सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर जानकारी दी है। इससे नगर पंचायत गठन का रास्ता साफ हो गया है। अब कैबिनेट की मुहर का इंतजार है।
स्वात खत उर्फ कड़ा, चकचमरूपुर दारानगर, फराहिमपुर कलेशरमऊ, रौजे सैफ खां तथा बिहामिदपुर गांव एवं म्योहरा, शादीपुर हाफिजपुर, नासिरपुर फरीदगंज, कमालपुर तथा सौंरई बुजुर्ग गांव का आंशिक हिस्सा शामिल करने की योजना है। वहीं डीएम का कहना है कि दारानगर-कड़ा धाम नगर पंचायत को लेकर कुछ आपत्तियां/सुझाव आए थे। इन्हें शासन को भेजा गया था। शासन ने सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया है।