मंझनपुर। अब स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन और टीसी के दौरान किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। स्कूलों में मनमाफिक नाम और जन्मतिथि दर्ज करने-कराने पर अंकुश लगेगा। इसके लिए विभाग ने एक पोर्टल तैयार किया है। स्टूडेंट ट्रैकिंग सिस्टम (एसडीएमआईएस) में छात्र-छात्राओं का सारा डाटा अपलोड रहेगा।
सरकार प्राथमिक स्तर से ही शिक्षा व्यवस्था को सुधार करने तथा विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ रोकने की तैयारी में जुटी है। इसके लिए विभाग ने एसडीएमआईएस नाम का पोर्टल तैयार किया है। प्रत्येक विद्यालय को इस पोर्टल पर ही छात्र-छात्राओं का नामांकन करना होगा। इस पोर्टल से ही विद्यार्थियों की टीसी तथा अन्य प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इसके लिए विद्यालय को यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। यह व्यवस्था अगले शिक्षण सत्र से लागू होगी। पर, तैयारियां इसी सत्र शुरू कर दी गई हैं। एमआईएस इंचार्ज ने बताया कि इस सत्र में यू डायस प्रमाण पत्र में शामिल सभी स्कूलों को शिक्षा सत्र 2018-19 में नवीन प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या तथा बीच में ही विद्यालय छोड़ने वालों का विवरण जरूर दर्ज करना होगा।
बिना मान्यता के संचालित स्कूलों पर भी लगेगी रोक
मंझनपुर। शासन की इस व्यवस्था से अमान्य विद्यालयों के संचालन पर पाबंदी लगना तय माना जा रहा है। क्योंकि विभागीय मान्यता के अभाव में इन विद्यालयों के पास यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं होगा। ऐसे में ये विद्यालय बच्चों का डाटा कैसे अपलोड करेंगे।
स्टूडेंट ट्रैकिंग सिस्टम अच्छी पहल है। इससे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालन में रोक लगेगी। साथ ही एक क्लिक पर विद्यार्थियों का सारा डाटा सामने आ जाएगा। नामांकन और टीसी जारी करने में पारदर्शिता आएगी।
एसके सिंह-प्रभारी बीएसए