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बारिश थमी, घरों के गिरने का सिलसिला जारी

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बारिश थमी, घरों के गिरने का सिलसिला जारी
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टेवा।
लगातार हो रही बारिश गुरुवार को थम गई। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन कच्चे मकान में रहने वालों पर आफत अभी भी मंडरा रही है। कच्चे मकान लगातार गिर रहे हैं। बरैसा गांव में गुरुवार को 14 मकान ढह गए। इससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घर से बेघर हुए लोगों ने स्कूलों में शरण ली है।

सदर कोतवाली के बरैसा गांव में गुरुवार को 14 मकान गिर गए। इनमें बुधई, बब्बू, सुभाष चंद्र, कंशलाल, बच्चालाल, सुबिहिति, सरोजनी, प्रकाश, अंजू देवी, मैकू, मैकू पुत्र होरीलाल आदि लोग हैं। बारिश थमने के बद हवा चली तो इनका मकान ताश की पत्तों की तरह ढह गया। इससे घरों में रखा राशन, कपड़ा आदि सब नष्ट हो गया। एक के बाद एक कच्चे मकान गिरने लगे तो गांव में हड़कंप मच गया।
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लोगों को घरों से बाहर रहने की सलाह देकर लोगों ने मलबे में दबे सामानों को बाहर निकाला। बेघर हुए लोगों ने अपने बच्चों के साथ स्कूलों में शरण ली है। जानकारी होने पर तहसील प्रशासन ने भी गांव जाकर मुआयना किया और पीड़ितों को जल्द ही राहत राशि देने का आश्वासन दिया। गुरुवार शाम को एक बार फिर बदली छाई तो लोग सहम गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश के बाद तेज हवा चली तो मकान अभी और गिरेंगे। बरैसा के अलावा उसरैना, उचरावा आदि में भी कच्चे मकान गिरे हैं।

बरैसा गांव में गिरे 14 कच्चे मकान

जल निकासी के इंतजाम में खुद जुटे ग्रामीण
मंझनपुर। चार दिन तक हुई बारिश से गांव-गांव जलभराव हो गया था। जिला मुख्यालय के भी सरकारी दफ्तरों में पानी घुस गया था। गुरुवार को बारिश थमी तो ग्रामीणों ने जल निकासी का इंतजाम खुद किया। गांव के बाहर नाली बनाई गई, कई जगह लोगों ने पानी निकालने के लिए सड़क काट दी। जिला मुख्यालय में जिला अस्पताल के सामने बने घरों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया था। इसको देखते हुए लोगों ने जेसीबी मंगवाकर नाला खुदवाया। इसी तरह अधिकांश गांवों में लोग जल निकासी को लेकर परेशान रहे।
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बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
16 जुलाई तक अभी बारिश लगातार होने की संभावना है। इसका अलर्ट जारी होने पर डीएम ने तहसील प्रशासन को सतर्क कर दिया है। डीएम ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह गंगा व यमुना के जलस्तर पर नजर रखें। लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को निर्देश दें कि वह गांव-गांव जाकर निरीक्षण करें कि वहां क्या स्थिति है। निचले इलाकों की प्रतिदिन रिपोर्ट भेजी जाए। यदि तत्काल मदद की आवश्यकता है तो सूचना देकर प्रभावी कार्रवाई कराएं। चेतावनी दी गई है कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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