मेडिकल कॉलेज की न्यूबॉर्न केयर यूनिट का निरीक्षण करते प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह व मौजूद अन
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) गंभीर और बीमार नवजात शिशुओं के लिए उम्मीद का केंद्र बन रही है। यहां नवजातों के बेहतर उपचार के लिए 18 वार्मर, चार सीपीएपी मशीनें और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है। इससे समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और सांस लेने में परेशानी से जूझ रहे बच्चों को विशेष देखभाल देने में मदद मिल रही है।
वार्मर से नवजातों के शरीर का तापमान बनाए रखने और उनकी निगरानी में सहायता मिलती है। वहीं, सीपीएपी मशीन और वेंटिलेटर की मदद से जरूरत के अनुसार सांस संबंधी समस्याओं का उपचार किया जाता है। चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों की स्थिति का लगातार आकलन कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
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स्थानीय स्तर पर नवजातों का उपचार बेहतर
मेडिकल कॉलेज के अनुसार, सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय स्तर पर नवजातों का उपचार बेहतर हुआ है और उच्च केंद्रों पर रेफरल कम करने में मदद मिली है। हालांकि, गंभीर स्थिति में नवजातों को उच्चस्तरीय केंद्रों पर भेजना भी जरूरी है। प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज तिवारी के सहयोग से व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञों और नर्सिंग स्टाफ की टीम नवजातों की देखभाल में जुटी है।