नगर पंचायत के चमनगंज मोहल्ले में स्थित मरहूम कादिर अली के इमामबाड़ा में शनिवार को मुस्लिम यूथ कमेटी की ओर से 18 ताबूत का जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद सोजख्वानी व मर्सिया पढ़ा गया।
मौलाना शाहिद रजा ने मजलिस को खिताब करते हुए कर्बला में शहीद हुए खानदाने अबू तालिब के जवानों की कुर्बानियों का जिक्र किया। मजलिस के बाद जब 18 ताबूत बरामद हुआ तो माहौल गमगीन हो उठा। मौलाना सैयद शहाब सलमान रिजवी ने इमाम हुसैन (अ.स.), अली अकबर, हजरत अब्बास और अली असगर के मसायब बयान किए तो आजादारों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद नौहाख्वानी हुई।
अंजुमने गुलशने इस्लाम रहीमपुर ने नौहा क्या आले मोहम्मद पा मुसीबत ये पड़ी है पढ़ा तो वहीं अंजुमने गुंचाए इस्लाम सिरसी मुरादाबाद ने हंगामे अस्र और गरीबाने कर्बला… नौहा पेश किया। नौहों पर नौजवानों ने मातम कर गमे हुसैन को याद किया।
जुलूस चमनगंज से निकलकर आहिस्ता-आहिस्ता मरहूम डिप्टी जामिन हुसैन के इमामबाड़ा पहुंचा। यहां मौलाना सैयद अलमदार हसनैन रिजवी और मौलाना सैयद सलमान रिजवी ने तकरीर की। बतौर मुख्य वक्ता मौलाना सैयद मोहम्मद जोहैर कैन रिजवी ने गमे हुसैन मनाने के आदाब बताए। कार्यक्रम का संचालन अर्शी वास्ती ने किया और अंत में मुस्लिम यूथ कमेटी के सचिव मजलिसी रिजवी ने आजादारों का शुक्रिया अदा किया।