गरीब परिवारों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूल में ले सकेंगे मुफ्त शिक्षा
प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए शुरू हुआ ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गरीब परिवारों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से मुफ्त शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इसके लिए एक मार्च से ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन शुरू हो गया है। आवेदन प्रकिया 31 मार्च तक चलेगी। इसके बाद लॉटरी से चयन कर बच्चों का दाखिला कराया जाएगा।
अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नेबरहुड के अंतर्गत गैर सहायता मान्यता प्राप्त स्कूलों में अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग के बच्चों को दाखिला दिलाने की व्यवस्था है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि स्कूलों में दाखिले के लिए एक मार्च से ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 निर्धारित की गई है। 11 अप्रैल को आवेदनों के सत्यापन के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा लॉक किया जाएगा। 16 अप्रैल को लॉटरी के जरिए बच्चों का चयन किया जाएगा। 30 अप्रैल को गैरसहायतित मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में चयनित बच्चों का दाखिला कराया जाएगा।
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निजी स्कूल में मुफ्त शिक्षा के लिए ये होंगे पात्र
मंझनपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अलाभित समूह में अनुसूचित जाति/जनजाति, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग तथा नि:शक्त, एचआईवी अथवा कैंसर पीड़ित माता-पिता या निराश्रित बेघर बच्चे आवेदन कर सकते हैं। दुर्बल वर्ग में जिनके माता-पिता या संरक्षक गरीबी रेखा से नीचे हों, विकलांग, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन प्राप्त करते हों। या फिर जिनकी अधिकतम वार्षिक आय एक लाख रुपये तक हो। ऐसे लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में मुफ्त शिक्षा के लिए ऑफलाइन आवेदन संबंधित क्षेत्र पंचायत के खंड शिक्षा अधिकारी की संस्तुति के साथ बीएसए कार्यालय में दो सेटों में जमा कर सकते हैं।
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लॉटरी के जरिए विद्यालयों का होगा आवंटन
मंझनपुर। शैक्षिक सत्र 2019-20 में कक्षा एक या पूर्व प्राथमिक कक्षा में दाखिला मिलेगा। जो कक्षा आठ तक मुफ्त शिक्षा के लिए मान्य होगा। बीएसए ने बताया कि निजी स्कूल में लिए जाने वाले शुल्क की प्रतिपूर्ति (भरपाई) शासनादेश की शर्तों के मुताबिक की जाएगी। निजी विद्यालयों का आवंटन लॉटरी के जरिए डीएम से अनुमोदन के बाद किया जाएगा।